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'जजों ने अपना जमीर बेच दिया': जेल से इमरान खान का न्यायपालिका पर बड़ा प्रहार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) के संस्थापक इमरान खान ने अदियाला जेल से अपनी चुप्पी तोड़ते हुए देश की न्यायपालिका पर अब तक का सबसे तीखा हमला किया है। अपने बेटे कासिम खान से फोन पर हुई बातचीत के बाद साझा किए गए एक संदेश में इमरान ने जजों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

रावलपिंडी/लंदनः पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) के संस्थापक इमरान खान ने अदियाला जेल से अपनी चुप्पी तोड़ते हुए देश की न्यायपालिका पर अब तक का सबसे तीखा हमला किया है। अपने बेटे कासिम खान से फोन पर हुई बातचीत के बाद साझा किए गए एक संदेश में इमरान ने जजों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

न्यायपालिका पर 'बिकाऊ' होने का आरोप

ईद-उल-फितर के अवसर पर अपने बेटों, कासिम और सुलेमान से लगभग 30 मिनट की टेलीफोनिक बातचीत के दौरान इमरान खान काफी भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के जजों ने अपने विशेषाधिकारों के लिए अपनी "आत्मा और जमीर" बेच दी है।

इमरान ने कहा कि उन्हें न्याय देने के बजाय जज जानबूझकर मामलों को टाल रहे हैं और सिर्फ नई तारीखें दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अल्लाह के घर में सभी का इंसाफ एक साथ होगा और इन जजों को वहां जवाब देना होगा।

बुशरा बीबी को 'टॉर्चर' करने का दावा

इमरान खान ने सरकार पर उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने के लिए उनकी पत्नी, बुशरा बीबी को मोहरा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि वे मुझे नहीं तोड़ सकते, इसलिए वे मेरी पत्नी को निशाना बना रहे हैं। बुशरा बीबी के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है ताकि मुझे ब्लैकमेल किया जा सके। महिलाओं और बुजुर्गों को नुकसान पहुंचाना इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है।

बेटे कासिम का सोशल मीडिया पर खुलासा

लंदन में रह रहे इमरान के बेटे कासिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने पिता का संदेश साझा करते हुए जेल की स्थिति पर चिंता जताई। कासिम के अनुसार: इमरान खान जेल में ठीक से सो नहीं पा रहे हैं और उन्हें "डेथ सेल" जैसी परिस्थितियों में रखा गया है। परिवार को डर है कि उनके स्वास्थ्य को लेकर अधिकारी कुछ "बड़ा" छिपा रहे हैं। पूर्व पत्नी जेमिना गोल्डस्मिथ ने भी आरोप लगाया कि बच्चों को उनके पिता से मिलने के लिए वीजा देने में जानबूझकर देरी की जा रही है।

वीजा विवाद: 'ब्रिटिश प्रोटेक्शन' या 'पाकिस्तानी पासपोर्ट' ?

इमरान खान के बेटों की पाकिस्तान यात्रा को लेकर सरकार और परिवार के बीच ठन गई है।

सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि दोनों बेटे NICOP (ओवरसीज पाकिस्तानियों के लिए पहचान पत्र) के जरिए कभी भी पाकिस्तान आ सकते हैं और उन्हें वीजा की जरूरत नहीं है।

जेमिना गोल्डस्मिथ का तर्क है कि सरकार जानबूझकर उन्हें NICOP पर बुलाना चाहती है ताकि पाकिस्तान पहुंचने पर वे "ब्रिटिश सुरक्षा" (British Protection) के दायरे से बाहर हो जाएं और उन्हें आसानी से गिरफ्तार किया जा सके। वे ब्रिटिश पासपोर्ट पर वीजा लेकर आना चाहते हैं।

इमरान खान के इस ताजा बयान ने पाकिस्तान की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। एक तरफ जहां उनके समर्थक इसे उनके संघर्ष का हिस्सा मान रहे हैं, वहीं सरकार इसे न्यायपालिका को डराने की कोशिश करार दे रही है। फिलहाल, इमरान खान की जेल की स्थिति और उनके बेटों की पाकिस्तान यात्रा का मामला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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