अल्बानी : रविवार रात न्यूयॉर्क के लागवाडिया एयरपोर्ट पर मॉन्ट्रियल से आ रही एयर कनाडा की एक फ्लाइट रनवे पर फायर ब्रिगेड की एक ट्रक से टकरा गई। हादसे के समय विमान में 72 यात्री मौजूद थे। दुर्घटना में अधिकांश लोग घायल हो गए। विमान के दोनों पायलटों की मृत्यु हो गई। इतनी भयावह परिस्थिति में हादसे के बाद विमान से फेंके जाने के बावजूद एक फ्लाइट अटेंडेंट जिंदा बच गई।
सोलांज ट्रेम्बले नामक महिला फ्लाइट अटेंडेंट की बेटी सारा लेपिन ने कनाडाई मीडिया TVA Nouvelles को दिए एक इंटरव्यू में इस घटना के बारे में बताया।
सारा ने कहा कि मेरी मां की एक पैर की हड्डी कई जगह से टूट गई है। शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। लेकिन इसके अलावा और कोई गंभीर शारीरिक समस्या नहीं हुई। उन्होंने बताया कि एक एविएशन एक्सपर्ट के अनुसार विशेष प्रकार की सीट का इस्तेमाल होने के कारण ही महिला जिंदा बची ह।
इस पर फेडरल क्रैश एक्सपर्ट जेफ गूजेटी ने भी प्रतिक्रिया दी कि घटना के दौरान सोलांज का जिंदा बच पाना तो वाकई एक ‘मिराकल’ है।
उनके अनुसार जिस तरह से विमान का कॉकपिट टूट गया, उसमें उस महिला का जिंदा बच पाना वास्तव में अविश्वसनीय है। हालांकि इस घटना के पीछे का संभावित कारण उन्होंने बताया।
उन्होंने कहा कि इस दूर्घटना से सोलांज के बचने का मूल कारण संभवतः उनकी निरधारित सीट ही थी। कॉकपिट में जिस प्रकार की सीट इस्तेमाल होती है, सोलांज की सीट भी वैसी ही थी। फ्लाइट की धातु की दीवार पर बोल्ट से यह सीट अटकी हुई थी। हादसे के समय यह सीट फोल्ड हो गई। जिससे दुर्घटना का प्रभाव काफी कम हो गया।
उन्होंने आगे कहा कि यह सीट इस तरह बनाई गई है कि बड़ी दुर्घटना का प्रभाव आसानी से कम किया जा सके। आम तौर पर दुर्घटना के बाद यात्रियों को फ्लाइट अटेंडेंट ही बाहर निकालते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षित निकासी के लिए ऐसी सीट की व्यवस्था की जाती है।