दुबईः पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध अब और खतरनाक होता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि बड़े देशों के बीच सीधा टकराव बढ़ सकता है।
ट्रंप की धमकी दी दो उन्हें जवाब क्या मिला?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह 48 घंटे के अंदर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों (पावर प्लांट्स) पर हमला कर सकता है। रविवार को उनकी इस चेतावनी के कुछ घंटों के भीतर ही ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर देने की धमकी दे दी। साथ ही पश्चिम एशिया में अमेरिका के सभी सैन्य ठिकानों को ध्वस्त करने की चेतावनी भी दी ।
जमीनी हालात कैसे हैं?
इस बीच ईरान की ओर से दागे गए मिसाइलों ने दक्षिणी इज़राइल के दो इलाकों को निशाना बनाया, जिससे कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और कई लोग घायल हुए। युद्ध अब चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
अब तक कितना नुकसान हुआ?
ईरान में 1500 से ज्यादा और लेबनान में 1000 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इज़राइल में 15 लोगों की मौत हुई है, वहीं 13 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
यह एक बहुत अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। अगर यह बंद हो जाता है, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित होती है और कीमतें बढ़ जाती हैं।
कानून क्या कहता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि आम नागरिकों से जुड़े ठिकानों (जैसे पावर प्लांट) पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हो सकता है, जब तक कि उसका सीधा सैन्य फायदा साबित न हो।
इज़राइल का रुख क्या है?
इज़राइल के प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर नहीं बताया कि वे ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले में शामिल होंगे या नहीं, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और इज़राइल मिलकर फैसले लेते हैं।
बड़ी तस्वीर क्या है?
कुल मिलाकर, यह संघर्ष अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई पर असर डाल रहा है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह संकट और बड़ा रूप ले सकता है।
ईरान के मिसाइल हमलों से पूरी दुनिया खतरे में: नेतन्याहू
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हाल में हुए मिसाइल हमलों से यह स्पष्ट है कि ईरान अब यूरोप तक मार करने की क्षमता रखता है और पूरी दुनिया के लिए खतरा है। इजराइल और अमेरिका मिलकर दुनिया की ओर से लड़ रहे हैं। ईरान नागरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा है और उसका उद्देश्य आम लोगों को नुकसान पहुँचाना है। ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया तक लंबी दूरी की मिसाइल दागी, जिससे उसकी बढ़ती सैन्य क्षमता का संकेत मिलता है। यरूशलम में पवित्र स्थलों के पास भी मिसाइल हमले हुए, हालांकि किसी की जान नहीं गई। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल का लक्ष्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना है तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के खिलाफ एकजुट हो।