🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

दिल्ली से कश्मीर तक, पाकिस्तान की 50 गुप्त ‘आंखें’! मास्टरमाइंड नौशाद, महिला सहित 14 गिरफ्तार

देश में फिर पाकिस्तान के जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़!

गाजियाबादः देश के भीतर एक बार फिर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का जाल पकड़ा गया है। बेंगलुरु के बाद इस बार गाजियाबाद में यह खुलासा हुआ। भारतीय सेना की गुप्त गतिविधियों और हथियारों की आवाजाही की लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजने के आरोप में अब तक 14 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार लोगों में एक महिला और एक नाबालिग भी शामिल है। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह देश के सबसे बड़े जासूसी मॉड्यूल में से एक हो सकता है।

यह गिरोह कैसे काम करता था?

जांच एजेंसियों के अनुसार नौशाद अली नाम का व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। वह मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर और सीसीटीवी के इस्तेमाल व मरम्मत में माहिर था और गरीब परिवारों के युवाओं को पैसों का लालच देकर इस गिरोह में शामिल करता था।

पुलिस की नजरों से बचने के लिए इस नेटवर्क में चालाकी से महिलाओं का भी इस्तेमाल किया जाता था। गिरफ्तार लोगों में मीरा नाम की एक महिला भी शामिल है, जिसे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियार सप्लाई के आरोप में गिरफ्तार किया था।

गुप्त कैमरे और पाकिस्तान को लाइव फुटेज

इस जासूसी गिरोह का तरीका काफी अनोखा और खतरनाक था। दिल्ली कैंटोनमेंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों में इन्होंने गुप्त रूप से सीसीटीवी कैमरे लगा दिए थे। इन कैमरों के जरिए भारतीय सेना की आवाजाही, सैनिकों और हथियारों की गतिविधियों की लाइव फुटेज सीधे पाकिस्तान में मौजूद ISI हैंडलरों को भेजी जाती थी। पुलिस के अनुसार हर वीडियो क्लिप के बदले उन्हें 10,000 रुपये मिलते थे।

दिल्ली से कश्मीर: 50 कैमरों की खतरनाक साजिश

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरोह ने दिल्ली से कश्मीर तक सेना के आवागमन वाले संवेदनशील इलाकों में करीब 50 गुप्त कैमरे लगाने की योजना बनाई थी। इसके लिए ISI की ओर से उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी गई थी लेकिन इसके बावजूद वे कैमरों को सही तरीके से स्थापित नहीं कर पा रहे थे।

इसके बाद गाजियाबाद के कौशांबी इलाके में उन्होंने स्थानीय सीसीटीवी मरम्मत करने वालों की तलाश शुरू की। उनकी यह संदिग्ध गतिविधि कौशांबी थाने के एक बीट कांस्टेबल की नजर में आ गई। उसकी सतर्कता के कारण पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और इस बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने कई मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है।

Articles you may like: