नई दिल्ली: देश में खनिज सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार अब अहम खनिजों की नीलामी का सातवां चरण शुरू करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी इसे लॉन्च करेंगे।
आसान भाषा में समझें कि पूरा मामला क्या है?
आजकल लिथियम, ग्रेफाइट, रेयर अर्थ जैसे खनिज बहुत जरूरी हो गए हैं क्योंकि इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों, मोबाइल, बैटरी, ऊर्जा और नई तकनीकों में होता है। लेकिन ये खनिज हर जगह नहीं मिलते, इसलिए इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना देश के लिए जरूरी है। इसी वजह से सरकार इन्हें लेकर नई योजनाएं बना रही है।
सरकार ने पहले ही कानून में बदलाव करके कुछ खास खनिजों को महत्वपूर्ण और रणनीतिक घोषित किया है ताकि उनकी नीलामी और इस्तेमाल को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके। अब तक ऐसे खनिजों के कई ब्लॉक्स की नीलामी हो चुकी है और कंपनियों की इसमें अच्छी भागीदारी भी देखने को मिली है।
बड़े फैसले और मुख्य बातें:
सरकार महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी का 7वां चरण शुरू करेगी।
इस चरण में 19 नए खनिज ब्लॉक्स नीलामी के लिए रखे जाएंगे।
ये खनिज लिथियम, ग्रेफाइट, रेयर अर्थ जैसे अहम संसाधनों से जुड़े हैं।
इनका उपयोग क्लीन एनर्जी, नई तकनीक, उर्वरक और रणनीतिक क्षेत्रों में होता है।
सरकार ने पहले ही 24 खनिजों को “क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक” घोषित किया है।
नीलामी से मिलने वाला पैसा राज्य सरकारों को मिलेगा।
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
नए नियमों के जरिए नीलामी के बाद की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया गया है।
अब कंपनियों को बैंक गारंटी के अलावा इंश्योरेंस बॉन्ड का विकल्प भी मिलेगा।
कुल मिलाकर सरकार का लक्ष्य है कि देश को जरूरी खनिजों के लिए दूसरे देशों पर कम निर्भर रहना पड़े और भविष्य की तकनीकी व ऊर्जा जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें।