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RG Kar लिफ्ट हादसा : सुरक्षा चूक या मानवीय गलती? जांच में बड़े खुलासे के संकेत, पिता ने दी अदालत जाने की चेतावनी

पुलिस संभावित सुरक्षा चूक और मानवीय गलती के पहलू की जांच भी कर रही है।

By Moumita Bhattacharya

Mar 22, 2026 18:42 IST

R G Kar अस्पताल व मेडिकल कॉलेज की लिफ्ट में फंसकर 40 वर्षीय अरुप बंद्योपाध्याय की मौत के मामले में पुलिस अधिकारी मानवीय गलती के पहलू से भी जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रिकॉर्ड्स में यह दावा किया गया है कि लिफ्ट ने हाल ही में नियमित जांच को पास किया था लेकिन पुलिस संभावित सुरक्षा चूक और मानवीय गलती के पहलू की जांच भी कर रही है।

पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि क्या इस मामले में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में कोई कमी रह गयी थी अथवा लिफ्ट मेंटेनेंस कंपनी को सूचना देने में देरी हुई या फिर घटना के समय क्या किसी ने लिफ्ट के मशीन रूम तक जाने की कोशिश की थी या नहीं?

PTI की मीडिया रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि शुरुआती रिकॉर्ड में यह बताया गया है कि लिफ्ट का निरीक्षण इसी महीने के शुरुआत में हुआ था लेकिन हम इस बात की जांच भी कर रहे हैं कि कहीं रखरखाव या निगरानी में कोई कमी तो नहीं रह गयी थी जिस वजह से यह हादसा हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि इस चरण पर किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लिफ्ट की मार्च के शुरुआत में 25 से 30 दिनों के नियमित निरीक्षण चक्र के तहत जांच की गयी थी और उस समय लिफ्ट में कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आयी थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या दुर्घटना के आसपास के समय में कोई मशीन रूम तक गया था जो यांत्रिक खराबी के दौरान इस्तेमाल होने वाली एक कंट्रोल पैनल होती है।

उक्त अधिकारी का दावा है कि हमें इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि मशीन रूम में कोई गया था और हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि वहां कौन और क्या करने गया था। लिफ्ट के अंदर सीसीटीवी कैमरा न होने की वजह से घटना की तह तक जाने के लिए पुलिस को लिफ्ट के बाहर लगे सीसीटीवी फूटेज पर ही निर्भर करना पड़ रहा है।

पुलिस का कहना है कि फुटेज में दिख रहा है कि मृतक ट्रॉमा केयर ऑपरेशन थिएटर के पास सुबह 4.15 बजे था जबकि उसका शव 5.12 बजे वार्ड में लाया गया था। आरोप है कि लिफ्ट मेंटेनेंस एजेंसी को 6.30 बजे के बाद जानकारी दी गयी।

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वही दूसरी ओर इस हादसे के बाद स्वास्थ्य भवन सक्रिय हो गयी है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के लिफ्ट की 'हेल्थ ऑडिट' अनिवार्य रूप से करने के लिए कहा गया है। साथ ही लिफ्ट का लाइसेंस व फिटनेस सर्टिफिकेट अप-टू-डेट है या नहीं इसकी जांच के लिए एक कमेटी का गठन करने का फैसला भी लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लिफ्ट के रखरखाव में कोई भी लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।

साथ ही मृत युवक अरुप बंद्योपाध्याय के पिता अमल बंद्योपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सिर्फ निचले स्तर के कुछ कर्मचारियों को गिरफ्तार कर अपना पल्ला झाड़ लेने से काम नहीं चलेगा। कुछ दिन मैं इंतजार करुंगा अगर उचित कार्रवाई नहीं की गयी तो अस्पताल प्रबंधन और यहां की जर्जर सुविधाओं के खिलाफ उच्च न्यायालय में शिकायत दर्ज करवाऊंगा। मेरा बेटा तो वापस लौट कर नहीं आएगा लेकिन यह जानलेवा जाल जिसने बिछाया है, उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ूंगा।

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