शनिवार को ईद (Eid) के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) शामिल हुए। इस दौरान मंच से अपने संबोधन में अभिषेक बनर्जी ने राज्य में साम्प्रदायिक एकता को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने ईद की शुभकामनाएं दी। साथ ही कहा कि एकबार धर्म का चश्मा उतारकर देखिए...पूरा का पूरा हिंदुस्तान खतरे में है!
इस मौके पर अपने संबोधन में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल में भाईचारा को भविष्य में भी बरकरार रखें। कोई भी उत्सव अथवा पर्व तीन-चार चीजें सिखाती हैं। धैर्य, भाईचारा, प्यार और सच्चाई। यहीं मानवता का धर्म है। इसके बनाए रखना होगा।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग बंगाल की एकता को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। भाईयों के खिलाफ भाईयों को लड़वाया जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में हमें एकजुट होकर रहना होगा। इंसानियत को जिंदा रखना होगा। यहीं बंगाल की संस्कृति है। उन्होंने आगे कहा कि रमजान में राम हैं तो दिवाली में अली हैं। जिस चांद का दीदार कर ईद मनायी जाती है उसी चांद को देखकर करवा चौथ का व्रत खोला जाता है। यहीं हमारे देश की संस्कृति है।
डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल की इसी एकता को नष्ट करने की कोशिश चल रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग सोच रहे हैं कि मतदाता सूची से नाम हटाकर देश से लोगों को निकाल देंगे, भाई को भाई के खिलाफ लड़ा देंगे, उनसे कहता हूं - गर्दन कट जाएगी लेकिन नहीं झुकूंगा। इसके साथ ही उन्होंने राहत इंदौरी की शायरी की कुछ पंक्तियां भी दोहरायी।
इसके बाद भेदभाव करने वालों को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो हिंदू को मुस्लिम के खिलाफ लड़ाने की फिराक में हैं और मुस्लिमों को हिंदूओं के खिलाफ लड़वा रहे हैं वह जितनी भी ताकत लगा लें, बंगाल की एकता और भाईचारा अटूट रहेगी। कोई कहता है कि हिंदू खतरे में है तो कोई कहता है कि मुस्लिम खतरे में है।
मैं कहता हूं कि धर्म का चश्मा उतारकर देखें, पूरा का पूरा हिंदुस्तान खतरे में है। मैं उम्मीद करता हूं कि आपलोगों का परिवार बहुत अच्छे से रहे। जिस तरह से हमने बंगाल में भाईचारा को अटूट रखा है, भविष्य में भी रखेंगे।