🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के महंगे विदेशी वेंटिलेटर में लगाया जा रहा नकली यंत्रांश? जांच शुरू

आरोप है कि विदेशी वेंटिलेटर के रखरखाव के नाम पर निम्न स्तर या सस्ते के पार्ट्स लगाए जा रहे हैं।

पिछले लंबे समय से कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वेंटिलेटर को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आ रही थी। अक्सर वेंटिलेटर के खराब होने की शिकायतें आती रहती थी। आरोप लगाया जा रहा था कि महंगा विदेशी वेंटिलेटर बार-बार खराब होने का आरोप लगाया गया। जांच करने पर अस्पताल प्रबंधन को पता चला कि विदेशी वेंटिलेटर के रखरखाव के नाम पर निम्न स्तर या सस्ते के पार्ट्स लगाए जा रहे हैं। हालांकि इसके लिए असली कीमती यंत्रांश का मूल्य वसूलने का ही आरोप लगाया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल के पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (Pediatric Intensive Care Unit) में पिछले कई दिनों से बार-बार वेंटिलेटर खराब होने की शिकायतें आ रही थी।

इस मामले की शिकायत पहले डॉक्टरों ने मौखिक रूप से की। बाद में विभागाध्यक्ष ने लिखित रूप से इस मामले की शिकायत दर्ज करवायी। इसके बाद ही अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया। जांच कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी के सदस्यों ने बायोमेडिकल इंजीनियरों ने यंत्रों की जांच की जिसमें चौंकाने वाली जानकारियां मिली।

जांच में पता चला कि वेंटिलेटर के अंदर असली विदेशी यंत्रांशों के बदले में बिल्कुल वैसी ही दिखने वाली सस्ती देसी यंत्रांशों को लगाया गया है। इसकी वजह से ही बार-बार यह जीवनदायी यंत्र खराब हो रही थी।

जांच में पता चला कि यह काम वेंटिलेटर के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली निजी कंपनी का है। उक्त कंपनी कोलकाता के कई अन्य सरकारी अस्पतालों में यंत्रों के रखरखाव का काम करती है। इसलिए सवाल उठ रहा है कि क्या ऐसी ही धोखाधड़ी दूसरे अस्पतालों में भी हुई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही प्रशासन सतर्क हो गयी है।

अस्पताल के उपाध्यक्ष व मेडिकल कॉलेज के सुपर अंजन अधिकारी ने बताया कि इस घटना की जानकारी स्वास्थ्य भवन के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गयी है। वहां से जैसा निर्देश मिलेगा उसके आधार पर ही कदम उठाया जाएगा क्योंकि महत्वपूर्ण चिकित्सकीय यंत्र में ऐसी गड़बड़ी से रोगी सेवाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

Articles you may like: