2024 में इतिहास रच दिया गुकेश डोम्माराजू ने। सबसे कम उम्र में FIDE इंटरनेशनल चैंपियनशिप जीतने का रिकॉर्ड उन्होंने बनाया। डिंग लिरेन को हराकर यह युवा शतरंज खिलाड़ी विश्वसत्ता बने। उन्होंने रूसी शतरंज के दिग्गज गैरी कैस्पारोव के रिकॉर्ड को तोड़ दिया लेकिन इस गुकेश को लेकर इस बार एक और रूसी शतरंज खिलाड़ी अनातोली कारपोव ने सनसनीखेज दावा किया। छह बार के विश्व चैंपियन इस पूर्व शतरंज खिलाड़ी का दावा है कि गुकेश ने गलती से खिताब जीता। वह मैच जीतना डिंग लिरेन को चाहिए था, ऐसा उन्होंने बताया। केवल इतना ही नहीं, कारपोव का मानना है कि मैग्नस कार्लसन खेलने नहीं आए इसलिए गोकेश ने आसानी से जीत हासिल की।
क्यों गुकेश को लेकर ऐसा कहा कारपोव ने ?
एक साक्षात्कार में इस बारे में रूसी पूर्व शतरंज खिलाड़ी अनातोली कारपोव ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ‘पहले तो गुकेश विश्व चैंपियन गलत तरीके से बना। दिंग लिरन के खिलाफ उस मैच में उसकी जीत होना तय ही नहीं था। वह मैच जो हारने वाला नहीं था, वह हार गया लिरन। अन्यथा लिरन ही विश्व चैंपियन का खिताब बरकरार रखता
इसके अलावा, 74 साल के कारपोव ने एक बार फिर गुकेश-कार्लसन विवाद को भड़का दिया। 2023 के बाद क्लासिकल फॉर्मेट में अब मैग्नस कार्लसन बहुत कम हिस्सा लेते हैं। इसी कारण गुकेश ने 2024 में खिताब जीता, ऐसा कारपोव का दावा है। इस विषय पर कहते हैं, 'कार्लसन ही चैंपियन होने चाहिए थे। औपचारिक रूप से अब यह खिताब गुकेश के पास है, क्योंकि कार्लसन ने खेल छोड़ दिया है। अगर वह चाहते तो खिताब छीन सकते थे।' हालाँकि कुल मिलाकर भारतीय शतरंज में हुए सुधार को कारपोव ने स्वीकार कर लिया। 2024 में कैंडीडेट्स टूनार्मेंट में तीन भारतीयों की उपस्थिति और बाद में शतरंज ओलंपियाड में दो स्वर्ण पदक जीतना इसका प्रमाण है लेकिन गुक person's के बारे में कारपोव के इस बयान पर खेल प्रेमियों में जोरदार चर्चा हो रही है।