नई दिल्ली : अमेरिका के प्रतिबंध में अस्थायी छूट मिलने के बाद भारतीय रिफाइनरी ईरान से तेल खरीदने में रुचि दिखा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका-इजराइल और ईरान के संघर्ष के कारण उत्पन्न ईंधन संकट से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार भारत की कई रिफाइनरी ईरान का तेल खरीदने की तैयारी कर रही हैं। लेकिन अभी अंतिम निर्णय से पहले केंद्र सरकार के निर्देश और अमेरिका की ओर से भुगतान संबंधी स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है।
केवल भारत ही नहीं, एशिया के कुछ अन्य देशों की रिफाइनरी भी इस संभावना का अध्ययन कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हर्मुज जलसंधि लगभग बंद होने के कारण तेल की आपूर्ति में बड़ा झटका लगा है। परिणामस्वरूप रिफाइनरी वैकल्पिक स्रोत ढूंढ रही हैं।
शुक्रवार को अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेशेंट ने बताया कि समुद्र में मौजूद ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिन के लिए प्रतिबंध में छूट दी गई है। 20 मार्च तक जहाजों में लोड किया गया तेल 19 अप्रैल तक छोड़ा जा सकेगा। वर्तमान में समुद्र में ईरान का लगभग 13 से 14 करोड़ बैरल अपशुद्ध तेल होने का अनुमान है। इसका एक बड़ा हिस्सा चीन पहले ही खरीद चुका है।
हालांकि ईरान का तेल खरीदने में कुछ जटिलताएं भी हैं। इस तेल की खरीद में किस पद्धति से भुगतान ईरान स्वीकार करेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा, बहुत सा तेल पुराने जहाजों में लाया जा रहा है, जो तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा हैं। कुल मिलाकर स्थिति तेजी से बदल रही है, लेकिन वास्तविक व्यापार शुरू होने में कुछ समय लग सकता है, ऐसा विशेषज्ञ मान रहे हैं।