नई दिल्ली : पिछले साल अगस्त में ही संसद में नया आयकर बिल (Income Tax Bill) पास हुआ था। अब इसे लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार ने कदम बढ़ाया है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर संबंधित प्राधिकरण ने ‘इनकम-टैक्स रूल्स, 2026’ प्रकाशित किए हैं, जो 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे हैं।
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इस कानून में कोई नया टैक्स रेट नहीं जोड़ा गया है, बल्कि आयकर से जुड़े जो विषय करदाताओं के लिए जटिल थे, उन्हें सरल बनाया गया है। साथ ही पुराने कानून की तुलना में नए कानून में सेक्शन और चैप्टर की संख्या भी कम की गई है।
इस बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सितारमन ने कहा कि टैक्स भुगतान को इतना आसान बनाया जा रहा है कि ईमानदारी अपने आप सामान्य व्यवहार बन जाए। लेकिन जो लोग जानबूझकर टैक्स चोरी करते हैं और बचने की कोशिश करते हैं, उन्हें तकनीक जरूर पकड़ लेगी। रिपोर्ट के अनुसार नए आयकर कानून में कुछ प्रमुख बातों पर जोर दिया गया है, जिनमें शामिल हैं—
हाउस रेंट अलाउंस (HRA)
नए नियम में ओल्ड रेजीम के तहत मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु इन आठ शहरों में वेतन का 50% तक हिस्सा HRA के रूप में टैक्स छूट के लिए दावा किया जा सकेगा। इन शहरों के अलावा देश के अन्य स्थानों पर वेतन का 40% तक HRA के रूप में छूट मिलेगी। ध्यान रहे, न्यू रेजीम में HRA पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी।
बच्चों की पढ़ाई
संशोधित आयकर कानून में बच्चों की शिक्षा के लिए अलाउंस पर छूट की राशि प्रति माह 100 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है। हालांकि दो बच्चों के लिए कुल 6000 रुपये तक इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा हॉस्टल खर्च के लिए अलाउंस 300 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
गाड़ी से जुड़ी सुविधा
आयकर कानून 2026 में किसी कंपनी के कर्मचारी द्वारा ऑफिस और निजी दोनों कामों में इस्तेमाल की जाने वाली कार के करयोग्य मूल्य को तय किया गया है। इसमें गाड़ी के इंजन की क्षमता के आधार पर टैक्स योग्य राशि निर्धारित की जाएगी।
हाउसहोल्ड सर्विस
अगर आपके घर में पर्सनल अटेंडेंट है, तो उसे दिए जाने वाले वेतन की राशि टैक्स योग्य होगी। इसके अलावा गैस, बिजली या पानी जैसी सेवाओं पर होने वाला खर्च यदि करयोग्य श्रेणी में आता है, तो उसका भुगतान आपको ही करना होगा।
उपहार (Gift)
किसी वित्तीय वर्ष में 15,000 रुपये से अधिक का उपहार मिलने पर वह टैक्स के दायरे में आएगा।
मील वाउचर
अगर किसी कर्मचारी को ऑफिस की ओर से खाने के लिए वाउचर दिए जाते हैं, तो वे टैक्स के दायरे में नहीं आएंगे। हालांकि वाउचर की अधिकतम राशि 200 रुपये तक ही होनी चाहिए।
इसके अलावा नए कानून में कैपिटल गेन टैक्स, शेयर बाजार में लेनदेन और नॉन-रेजिडेंट टैक्स से जुड़ी जानकारी संबंधित विभाग को देने की प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है। साथ ही टैक्स फाइलिंग से जुड़े 150 से अधिक फॉर्म भी उपलब्ध कराए गए हैं।