मुंबई : पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने हॉर्मुज संधि को बंद कर दिया। इसके बाद से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने लगीं। हालांकि इस सप्ताह की शुरुआत में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद थी। लेकिन उस उम्मीद पर पानी फेरते हुए तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं।
गुरुवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत में 3.44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके चलते प्रति बैरल कीमत 111.07 डॉलर हो गई। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियेट क्रूड की कीमत 2.38 प्रतिशत बढ़कर 98.61 डॉलर हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ भारत में भी क्रूड ऑयल की कीमत 1 प्रतिशत बढ़कर प्रति बैरल 9,080 रुपये हो गई।
ईरान के सबसे बड़े नेचुरल गैस फील्ड पर इजराइल के हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार शुरू कर दिया। कतर के एलएनजी प्रोसेसिंग सेंटर पर ईरानी मिसाइल गिर गई। इस खबर को बुधवार को कतर एनर्जी के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया। कतर के उस केंद्र में व्यापक नुकसान की भी बात सामने आई। हालिया हमलों के कारण पैदा हुई चिंता की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा तेल की कीमतें फिर से उछल पर है।
कतर के अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के विभिन्न ऊर्जा स्टोरेज केंद्रों को भी ईरान निशाना बना रहा है, ऐसा आरोप लगाया गया है। इन देशों के प्रशासन ने कई मिसाइल और ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया है।
तेल की इस कीमत वृद्धि ने शेयर बाजार पर भी दबाव डाला है। इस सप्ताह की शुरुआत से लगातार तीन दिन की बढ़त के बाद, दालाल स्ट्रीट में फिर गिरावट देखने को मिली।