कोलकाताः पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ‘विचाराधीन’ मतदाताओं को लेकर प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अब हर शुक्रवार सप्लिमेंटरी वोटर लिस्ट जारी करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में अंतिम निर्णय चुनाव आयोग (Election Commission of India) द्वारा लिया जा सकता है।
राज्य में कुल 60,06,675 ‘विचाराधीन’ मतदाताओं में से अब तक लगभग 23 लाख 30 हजार मामलों का निपटारा हो चुका है। जांच पूरी होने वाले इन मामलों में बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है, जिनके दस्तावेजों पर न्यायिक अधिकारियों या ज्यूडिशियल अफसरों ने संतोष नहीं जताया है। सूत्रों के अनुसार, करीब 35 से 40 प्रतिशत मामलों में दस्तावेज पर्याप्त नहीं पाए गए। सप्लिमेंटरी सूची जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किन मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखे गए हैं और किन्हें हटाया गया है।
इस पूरे मुद्दे पर आगे की रूपरेखा तय करने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट Calcutta High Court के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में सप्लिमेंटरी सूची जारी करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के साथ-साथ उन मतदाताओं के लिए ट्रिब्यूनल के गठन पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिनके दस्तावेज अस्वीकृत कर दिए गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित ट्रिब्यूनल में कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को शामिल करने पर सहमति बन चुकी है। बैठक में यह भी तय हो सकता है कि ट्रिब्यूनल कब से काम शुरू करेगा, उसका कार्यालय कहां होगा और अस्वीकृत मतदाता किस प्रक्रिया के तहत अपील कर सकेंगे।
इस बीच, निर्वाचन आयोग के स्तर पर दस्तावेजों की जांच की गति तेज कर दी गई है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग दो लाख मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है, जिससे लंबित मामलों के जल्द निपटारे की उम्मीद बढ़ गई है।
इस प्रक्रिया का असर राजनीतिक परिदृश्य पर भी दिखाई दे रहा है। कई ऐसे व्यक्ति, जो विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार हैं, उनके नाम भी ‘विचाराधीन’ सूची में शामिल हैं। इनमें राज्य की मंत्री शशि पांजा और तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी के पुत्र का नाम भी सामने आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार शशि पांजा दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में सफल हो चुकी हैं।
निर्वाचन आयोग के लिए यह जरूरी हो गया है कि सप्लिमेंटरी सूची समय पर जारी की जाए, क्योंकि इसमें देरी होने पर उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने में दिक्कतें आ सकती हैं।
संभावना जताई जा रही है कि पहली सप्लिमेंटरी सूची शुक्रवार या शनिवार को जारी की जा सकती है। इसके बाद जैसे-जैसे दस्तावेजों का निपटारा होता जाएगा, उसी आधार पर प्रत्येक शुक्रवार नई सूची जारी की जा सकती है।