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डोमकल में बदले सियासी समीकरण, हुमायूं कबीर की एंट्री से बढ़ी हलचल

पूर्व आईपीएस अधिकारी पर भरोसा। स्थानीय चेहरों की अटकलों के बीच बाहरी उम्मीदवार उतारकर सीट बचाने की कोशिश।

शुभाशीष सैयद, डोमकल

मुर्शिदाबादः पश्चिम बंगाल की राजनीति में डोमकल विधानसभा सीट को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने आगामी चुनाव में पूर्व पुलिस अधिकारी हुमायूं कबीर को उम्मीदवार बनाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय चेहरों की अटकलों के बीच बाहरी उम्मीदवार उतारकर पार्टी सीट बचाने की कोशिश कर रही है।

पिछले चुनाव में डोमकल सीट तृणमूल के जाफिकुल इस्लाम ने जीती थी। इधर, करीब छह महीने पहले उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई। ऐसे में पार्टी के सामने उस सीट के लिए योग्य उम्मीदवार का चयन करना पार्टी के लिए एक चुनौती थी।

मंगलवार को कोलकाता के कालीघाट से जारी उम्मीदवार सूची में इस सीट के लिए हुमायूं कबीर के नाम की घोषणा की गई। उन्होंने 2021 में पुलिस सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखा था और उसी साल पश्चिम मिदनापुर के डेबरा से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। वहां उन्होंने भाजपा उम्मीदवार भारती घोष को लगभग 12,500 वोटों से हराया था।

हुमायूं कबीर को बाद में तकनीकी शिक्षा मंत्री भी बनाया गया। हालांकि उनका कार्यकाल लंबा नहीं रहा। इस बार पार्टी ने उन्हें डेबरा से हटाकर डोमकल जैसे अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में उतारा है।

उम्मीदवार बनाए जाने पर हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस नेत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें नेतृत्व का भरोसा मिला है। हुमायूं ने कहा कि मुर्शिदाबाद उनके लिए “दूसरा घर” जैसा है और इस जिले से उनका 32 साल पुराना संबंध रहा है।

उन्होंने बताया कि 1994 में वे कांदी में एसडीपीओ रहे। वह 2012 से 2014 तक मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक (SP) की जिम्मेदारी संभाली थी। उस दौरान उन्होंने हत्या, मादक पदार्थों और तस्करी जैसे अपराधों पर नियंत्रण पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

हालांकि, इस फैसले को लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ असंतोष भी देखा जा रहा है। डोमकल शहर तृणमूल अध्यक्ष मोहम्मद कामरुज्जामान का कहना है कि अगर किसी स्थानीय नेता को उम्मीदवार बनाया जाता तो बेहतर होता। फिर भी उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पार्टी के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करना ही उनका प्राथमिक लक्ष्य है।हुमायूं कबीर ने भी भरोसा जताया कि पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मिलकर काम करेंगे। इस सीट से जीत हासिल करने की पूरी उम्मीद है।

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