🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

कम से कम 90 दिनों का तेल भंडार रखने की केंद्र को संसदीय समिति की सलाह

भविष्य को ध्यान में रखते हुए अभी से कदम उठाने की भी सिफारिश की गई है।

नयी दिल्लीः पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ईंधन संकट उत्पन्न हो गया है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद है। हालांकि इस जलडमरूमध्य को जल्द खोलने के लिए अमेरिका कदम उठाना शुरू कर चुका है। इसी बीच बुधवार सुबह गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर एक तेल टैंकर पहुंचा है। यह भारतीय टैंकर संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया है। केंद्र ने दावा किया है कि देश में फिलहाल ईंधन की कोई कमी नहीं है। लाए गए कच्चे तेल से स्थिति काफी हद तक संभलने की उम्मीद है।

हालांकि इस मुद्दे पर संसद की पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संबंधी स्थायी समिति पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। वैश्विक संकट को देखते हुए समिति ने केंद्र को उचित कदम उठाने की सलाह दी है।

समिति के अनुसार ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल का संकट उत्पन्न हुआ है। सरकार को तेल भंडारण बढ़ाना चाहिए। समिति ने कम से कम 90 दिनों का कच्चे तेल का भंडार रखने की सलाह दी है।

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 2026-27 की मांग से संबंधित सातवीं रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र को इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। साथ ही किन अन्य क्षेत्रों से तेल प्राप्त किया जा सकता है, इसकी भी जांच करने की सिफारिश की गई है।

इसके अलावा समिति ने यह भी कहा है कि ग्रामीण और निम्न आय वाले क्षेत्रों में एलपीजी की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उचित मूल्य पर रसोई गैस उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है।

देश में प्रतिदिन ईंधन की मांग बढ़ रही है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए अभी से इस पर उचित कदम उठाने की भी समिति ने सलाह दी है।

Articles you may like: