नई दिल्ली: हाल ही में सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियोंको एक आधिकारिक सलाह जारी की गई है, जिसमें उन्हें सोशल मीडिया पर आत्म-प्रचार और जल्दबाज़ी में पोस्ट करने से बचने के लिए कहा गया है।
सलाह में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार के व्यावसायिक या संस्थागत प्रचार से दूरी बनाए रखनी चाहिए और अपनी उपलब्धियों का उपयोग निजी लाभ या प्रसिद्धि के लिए नहीं करना चाहिए। सिविल सेवक जनता के सामने सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनके व्यवहार पर लगातार लोगों की नज़र रहती है। ऐसे में उनसे अपेक्षा की गई है कि वे हर परिस्थिति में विनम्र, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण आचरण बनाए रखें-चाहे वे आम नागरिक हों, जनप्रतिनिधि, संस्थाएं या समाज के अन्य वर्ग।
यह दिशा-निर्देश मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी द्वारा जारी किए गए हैं, जो सिविल सेवकों के प्रशिक्षण का प्रमुख संस्थान है। सलाह में कहा गया है कि भले ही सोशल मीडिया आज के समय का महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्रशासन में इसकी उपयोगिता भी है, लेकिन व्यक्तिगत प्रचार के उद्देश्य से इसका उपयोग उचित नहीं माना जाता। सोशल मीडिया पर की गई कोई भी पोस्ट या टिप्पणी सेवा की छवि को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सोच-समझकर ही कुछ साझा करना चाहिए।
अभ्यर्थियों को विशेष रूप से यह सुझाव दिया गया है कि वे भावनाओं में आकर कोई भी पोस्ट न करें। किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसके संभावित प्रभाव पर विचार करना जरूरी है। बेहतर होगा कि ऐसी पोस्ट से बचा जाए, जिनसे गलत अर्थ निकाला जा सकता हो।
अकादमी ने यह भी कहा है कि एक भावी सिविल सेवक के रूप में उनसे हर समय आदर्श व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। उनके पिछले और वर्तमान दोनों तरह के आचरण उनके व्यक्तित्व और छवि को दर्शाते हैं। इसलिए उन्हें अभी से ही एक जिम्मेदार अधिकारी जैसा व्यवहार अपनाना चाहिए।
इस परीक्षा में कुल 958 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिनमें 659 पुरुष और 299 महिलाएं शामिल हैं।
सलाह में ईमानदारी को सबसे महत्वपूर्ण गुण बताया गया है। अभ्यर्थियोंको अपने वित्तीय मामलों में पारदर्शिता रखने और किसी भी प्रकार के उपहार, लाभ या अनावश्यक प्रचार से बचने की सलाह दी गई है। उनकी सफलता का कहीं भी गलत तरीके से उपयोग न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। निष्पक्षता, ईमानदारी और संयम—इन मूल्यों को अपनाना उनके लिए अनिवार्य बताया गया है।
इसके अलावा, अभ्यर्थियोंको महिलाओं के प्रति सम्मान, समय की पाबंदी और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखने जैसी बातों पर भी जोर दिया गया है। निजी जीवन में भी उच्च नैतिक मानकों का पालन करने, सादे और अवसर के अनुरूप वस्त्र पहनने तथा सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित व्यवहार और नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी गई है। यातायात नियमों का पालन करना, स्वच्छता बनाए रखना और व्यक्तिगत साज-सज्जा का ध्यान रखना भी जरूरी बताया गया है।
स्वस्थ जीवनशैली को सार्वजनिक सेवा के लिए उपयोगी बताते हुए कहा गया है कि अभ्यर्थियों को अभी से शारीरिक और मानसिक रूप से अनुशासित जीवन अपनाना चाहिए, क्योंकि आगे का प्रशिक्षण और जिम्मेदारियां इसी की मांग करती हैं।