स्वस्थ रहने के लिए प्रोटीन के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। मांसपेशियों से हड्डियों, बालों से नाखून तक—संपूर्ण स्वास्थ्य बनाए रखने में प्रोटीन भरोसेमंद है। यहां तक कि वजन कम करना हो, प्रोटीन की मात्रा कम नहीं करनी चाहिए। दिन के पहले भोजन से लेकर हर मील में प्रोटीन होना जरूरी है लेकिन केवल प्रोटीन युक्त भोजन खाने से शरीर में अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। कई लोग हाई-प्रोटीन डाइट अपनाते हैं लेकिन इस डाइट को अपनाने से शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। कुछ लोग कब्ज जैसी समस्याओं से भी जूझते हैं। ऐसे में सावधानी जरूरी है इसलिए कौन सी गलतियां बचाकर हाई-प्रोटीन डाइट करें, यहां हैं टिप्स।
हाई-प्रोटीन डाइट में ये 3 गलतियां करने से बचें:-
पर्याप्त पानी न पीना
जितना अधिक प्रोटीन युक्त भोजन खाएंगे, उतना अधिक पानी पीना जरूरी है। इससे किडनी में स्टोन बनने या यूरिक एसिड के स्तर बढ़ने का खतरा नहीं रहता। इसके अलावा पर्याप्त पानी न पीने से सिरदर्द, थकान, पीला पेशाब, कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पर्याप्त फाइबर न लेना
हाई-प्रोटीन डाइट का पालन करते हुए फाइबर को नजरअंदाज करना गलत होगा। पर्याप्त फाइबर न लेने पर भोजन ठीक से पचता नहीं और कब्ज की समस्या हो सकती है इसलिए प्लेट में प्रोटीन के साथ फाइबर रखना जरूरी है। विभिन्न प्रकार की दाल, छोला, काबुली चना खा सकते हैं। इससे प्रोटीन और फाइबर दोनों शरीर में मिल जाएंगे।
फल-सब्जियां न खाना
ज्यादातर लोग हाई-प्रोटीन डाइट में मछली, मांस, अंडा, पनीर, दूध रखते हैं लेकिन फल और सब्जियां बिल्कुल नहीं खाते। जबकि फल-सब्जियों में पोषण भरपूर होता है। ये शरीर को विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट देते हैं। मछली-मांस के साथ सब्जियां न लेने पर शरीर में पोटैशियम की कमी हो सकती है। इसके अलावा गैस-अपच, मांसपेशियों में ऐंठन, ब्लड प्रेशर के उतार-चढ़ाव जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यहां तक कि किडनी पर भी दबाव पड़ सकता है इसलिए सिर्फ प्रोटीन ही पर्याप्त नहीं।