जुबान और मुंह का सूखना अक्सर शरीर में पानी की कमी का संकेत देता है लेकिन कई बार पर्याप्त पानी पीने के बावजूद भी यह समस्या बनी रहती है। गला सूखना कई बार अन्य बीमारियों का लक्षण भी हो सकता है। जब मुंह के भीतर की लार ग्रंथियां पर्याप्त लार का उत्पादन नहीं कर पाती हैं, तब यह समस्या होती है। इसे ‘ड्राई माउथ’ या ‘जेरोस्टोमिया’ कहते हैं लेकिन यह समस्या केवल पानी की कमी के कारण नहीं होती।
ड्राई माउथ या जेरोस्टोमिया क्या है?
जब लार ग्रंथियां पर्याप्त लार का निर्माण नहीं कर पाती, तब ‘ड्राई माउथ’ या ‘जेरोस्टोमिया’ की समस्या होती है। लार मुंह के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लार का संतुलन बिगड़ने पर ड्राई माउथ की समस्या होती है। लार मुंह की नमी बनाए रखती है, दांतों के स्वास्थ्य को बनाये रखती है, पाचन में मदद करती है और मुंह के प्राकृतिक बैक्टीरिया के संतुलन को भी बनाए रखती है।
ड्राई माउथ या ज़ेरोस्टोमिया के कारण
यह समस्या अक्सर सुबह उठने पर ज्यादा महसूस होती है। इसका मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है। रात में सोने से पहले चाय-कॉफी पीना या शराब पीना सुबह शरीर को डिहाइड्रेट कर देता है। साथ ही सोते समय 6-7 घंटे पानी न पीने से भी सुबह मुंह सूख जाता है लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है।
अन्य कारण
कुछ दवाओं के सेवन से भी ड्राई माउथ हो सकता है। डिप्रेशन, एंग्जायटी, पेनकिलर या मांसपेशियों को शिथिल करने वाली दवाओं के कारण यह समस्या हो सकती है। सोते समय मुंह से सांस लेने की आदत भी मुंह और गले को सुखा देती है। यह आदत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों में ड्राई माउथ आम समस्या है। रक्त में शर्करा नियंत्रित करने वाली दवाओं के सेवन से भी यह समस्या हो सकती है। इसके अलावा धूम्रपान और शराब के सेवन से भी ड्राई माउथ हो सकती है।