कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस बार उम्मीदवारों का चयन काम और परफॉर्मेंस के आधार पर किया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार स्टार पावर या सरप्राइज फैक्टर से उम्मीदवार नहीं चुने गये हैं। इस बार की सूची में पार्टी ने नये चेहरों और वरिष्ठ नेताओं सभी को प्राथमिकता दी है। इससे संगठन में सक्रियता, काम का रिकॉर्ड और अनुभव मुख्य मापदंड बन रहे हैं।
उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में अनिता थापर की पार्टी को तीन सीटें छोड़ी गयी हैं। मंगलवार को कोलकाता के कालीघाट स्थित पार्टी कार्यालय से जोड़ाफुल के 291 उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। सूची में कुछ उम्मीदवारों के नाम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने घोषित किए जबकि बाकी नामों की घोषणा अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने की।
इस सूची में 74 सिटिंग एमएलए को टिकट नहीं मिला। इसमें राज्य के मंत्री विप्लव रायचौधरी, मनोज तिवारी, ताजमुल हुसैन और विधानसभा के मुख्य सचेतक निर्मल घोष भी शामिल हैं। उत्तर बंगाल के रविंद्रनाथ घोष, अब्दुल करीम चौधरी, सावित्री मित्र, कृष्णेन्दु नारायण चौधरी और दक्षिण बंगाल के शंकर सिंह, तपन दासगुप्ता, अशोक देव जैसे कई अनुभवी नेता भी इस बार टिकट से वंचित रहे।
उनकी जगह पार्टी ने नये और युवा चेहरों को मैदान में उतारा है। इनमें आईएनटीयूसी के राज्य अध्यक्ष ऋतब्रत बनर्जी, छात्र परिषद के राज्य अध्यक्ष त्रिनांकुर भट्टाचार्य, जहांगिर खान, कोलकाता नगर निगम के काउंसिलर संदीपन साहा, दिवंगत वाम मंत्री क्षिति गोस्वामी की पुत्री बसुंधरा गोस्वामी, तन्मय घोष और देवांशु भट्टाचार्य शामिल हैं।
इस बार उम्मीदवार सूची में टॉलीवुड के किसी नए चेहरे को जगह नहीं दी गयी है। हालांकि, सांस्कृतिक क्षेत्र से अर्पिता घोष को बालुरघाट से उम्मीदवार बनाया गया है। राजनीति के बाहर से भी कुछ नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन, पूर्व क्रिकेटर शिवशंकर पाल और हेरबचंद्र कॉलेज की प्रोफेसर तुनश्री हांसदा शामिल है।
कुछ प्रमुख सीटों पर भी बदलाव किया गया है। भवानीपुर से ममता बनर्जी स्वयं उम्मीदवार हैं। नंदीग्राम से पुूर्व भाजपा नेता पबित्र कर को उम्मीदवार बनाया गया है। सोहम चक्रवर्ती को चंडीपुर से करिमपुर भेजा गया है, जबकि पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर को पश्चिम मिदनापुर के डेबरा से हटाकर मुर्शिदाबाद के डोमकल में उतारा गया है।
उम्मीदवारों की उम्र को लेकर भी पार्टी ने संतुलन बनाने की कोशिश की है। कुल 177 उम्मीदवारों की उम्र 41 से 60 वर्ष के बीच है, जबकि 61 से 80 वर्ष आयु वर्ग के 70 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि पार्टी ने अपेक्षाकृत युवा और सक्रिय नेतृत्व को प्राथमिकता दी है।
उम्मीदवार सूची को लेकर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सिफारिश या लॉबिंग के आधार पर टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि काम और प्रदर्शन के आधार पर ही मौका दिया जाएगा। वहीं ममता बनर्जी ने टिकट से वंचित नेताओं से नाराज न होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन्हें टिकट नहीें मिल पाया है, उन्हें पार्टी या अन्य जिम्मेदारियों में समायोजित किया जाएगा और वे इसे गलत न समझें।
इस तरह तृणमूल कांग्रेस ने इस बार की उम्मीदवार सूची में युवा ऊर्जा, संगठन और परफॉर्मेंस को प्राथमिकता देते हुए चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति अपनाई है।