नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम में मेट्रो स्टेशन के पास एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। बुधवार सुबह हुए इस हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर दमकल की 30 गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास जारी है। अब तक दो लोगों को गंभीर हालत में बचाया गया है।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब सात बजे पालम मेट्रो स्टेशन के पास श्री राम चौक की गली नंबर 2 स्थित इमारत में आग लगी। इलाका घना होने के कारण दमकल की टीम को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण हो गया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल का इस्तेमाल कपड़े और कॉस्मेटिक सामान के गोदाम के रूप में किया जा रहा था। शुरुआती अनुमान है कि आग लगना इन्हीं हिस्सों से शुरू हुई। बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। निचली मंजिलें स्टोर के रूप में इस्तेमाल हो रही थीं, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर परिवार रहते थे। आग और धुएं के कारण कई लोग फंस गए, जिनमें से कम से कम सात की मौत हो गई। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। जान बचाने के लिए दो लोगों ने ऊपर से छलांग लगा दी, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया है।
VIDEO | Delhi: A fire broke out in a building near Palam Metro Station. 30 Fire tenders rushed to the spot to rescue people feared trapped inside. More details are awaited.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/aanrYBB39h
आग लगने का कारण
अब तक आग लगने के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह भी देखा जा रहा है कि अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गहरा शोक व्यक्त किया है और कहा है कि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही, घटना के कारण और संभावित लापरवाही की जांच के लिए मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दिए गए हैं।