पटना: पुलिस को एक कुख्यात गैंगस्टर ने सीधे चुनौती दी थी। उसने पूछा था कि पुलिस उसे कब और कहां पकड़ने आएगी। उसने चेतावनी दी थी कि उसे पकड़ने पर गोलीबारी में मौत हो सकती है। थाने में फोन कर ही यह धमकी दी गई थी। इसके बाद पुलिस के साथ एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई। यह घटना बिहार के पूर्वी चंपारण इलाके की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक का नाम कुंदन ठाकुर है। एनकाउंटर में उसके साथ उसके साथी प्रियांशु दुबे की भी मौत हो गई। हालांकि इस एनकाउंटर में श्रीराम यादव नाम के एक एसटीएफ जवान की भी जान चली गई। यह एनकाउंटर बुधवार को हुआ।
पुलिस का दावा है कि इससे एक दिन पहले ही कुंदन ने चकिया थाने के एक अधिकारी को फोन कर सीधे चुनौती दी थी। नेपाल के एक नंबर से फोन कर उसने धमकी दी थी। उसने अपनी चेतावनी को धमकी नहीं बल्कि पुलिस के लिए ‘सलाह’ बताया था। फोन पर कुंदन ने कहा था कि अगली खबर यह होगी कि एनकाउंटर में 10 से 15 पुलिसकर्मियों की मौत होगी। उसने यह भी धमकी दी थी कि उसे पकड़ने की कोशिश करने पर पुलिसकर्मी जिंदा नहीं लौट पाएंगे। यहां तक कि उसने पुलिस से यह भी कहा था कि वे तय करें कि उसे कब और कहां पकड़ने आएंगे।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कुंदन का घर बिहार के मोतिहारी इलाके में है और उसे लंबे समय से तलाशा जा रहा था। उसने यह आरोप भी लगाया था कि पुलिस उसके परिवार वालों को परेशान कर रही है और उसने बदला लेने की बात कही थी। कुंदन के ठिकाने का पता चलने के बाद उसे पकड़ने के लिए एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। पूर्वी चंपारण जिले के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि कुंदन लगातार पुलिस को धमकी दे रहा था। पहले भी उसे पकड़ने की कोशिश की गई थी लेकिन इस बार उसकी लोकेशन की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद ही अभियान चलाया गया।
पुलिस ने जैसे ही इलाके को घेरा, कुंदन और उसके साथियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान एक एसटीएफ जवान घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें कुंदन और उसके एक साथी की मौत हो गई। कुंदन एक घर में छिपा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि उस घर के मालिक और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।