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बिहार राज्य सभा चुनावः एनडीए के पांच उम्मीदवार मैदान में, नीतीश कुमार की राह कितनी आसान?

16 मार्च को मतदान, पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत पांच एनडीए उम्मीदवार।

By श्वेता सिंह

Mar 15, 2026 10:04 IST

पटनाः बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मतदान से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया है। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने दावा किया कि राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर एनडीए उम्मीदवार भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।

संजय कुमार ने विपक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया से कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि विपक्ष किस आधार पर अपने दावे कर रहा है, लेकिन एनडीए की जीत तय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गठबंधन के सभी उम्मीदवार बड़े अंतर से विजयी होंगे।

पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में

बिहार में इस बार राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इन सीटों पर कुल छह उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से पांच एनडीए के और एक विपक्षी गठबंधन से है।

एनडीए की ओर से जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है, उनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं। इनके अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नितिन नवीन और शिवेश कुमार, जनता दल (यू) से केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार हैं।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक , राम नाथ ठाकुर लगातार तीसरी बार राज्यसभा पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि नितिन नवीन पहली बार राज्यसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं भाजपा नेता शिवेश कुमार भी पहली बार संसद में प्रवेश की उम्मीद के साथ चुनाव मैदान में हैं।

दूसरी ओर विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जो कारोबारी पृष्ठभूमि से आते हैं।

विधानसभा में एनडीए की स्थिति मजबूत

लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बिहार प्रदेश कार्यालय पटना में राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी के विधायक दल की बैठक हुई जिसमें पार्टी के सभी विधायक शामिल हुए। विधानसभा की वर्तमान स्थिति एनडीए के पक्ष में मजबूत मानी जा रही है। 243 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों के प्रथम वरीयता वोट की जरूरत होती है।

2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत मिला था। गठबंधन के पास कुल 202 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 89, जद(यू) के 85 और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19 विधायक शामिल हैं। यह संख्या चार सीटों पर जीत के लिए पर्याप्त मानी जा रही है, जबकि पांचवीं सीट के लिए भी एनडीए के पास अतिरिक्त वोट मौजूद हैं।

इसके मुकाबले विपक्षी महागठबंधन की स्थिति काफी कमजोर है। राजद के पास 25, कांग्रेस के पास 6 और वाम दलों समेत अन्य दलों के साथ कुल मिलाकर लगभग 35 विधायक हैं। ऐसी स्थिति में राजद उम्मीदवार को जीत के लिए एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक का पूरा समर्थन चाहिए, जो आसान नहीं माना जा रहा है।

एनडीए की रणनीति और बैठकें

राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए के सभी सहयोगी दलों ने अपने-अपने स्तर पर बैठकें कर रणनीति तैयार की है। पटना में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक भी हुई, जिसमें नए विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इस बैठक में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने भी अपने विधायकों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में मिली भारी जीत के बाद यह राज्यसभा चुनाव बिहार में एनडीए की मजबूत राजनीतिक स्थिति को और स्पष्ट कर सकता है।

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बिहार में राज्यसभा चुनाव से पहले जेडीयू विधायक दल की बैठकों का दौर शुरू, एनडीए को सभी 5 सीटें जीतने का भरोसा

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