कोलकाता : मतदान की घोषणा से पहले ही गृह मंत्रालय राज्य में केंद्रीय बल भेज चुका था। वे जिलों में गश्त भी कर रहे हैं। रविवार शाम मतदान की तिथियों की घोषणा के बाद इस मुद्दे पर बीरभूम जिला तृणमूल के अध्यक्ष काजल शेखने तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका से सेना लाएं या लंदन से लाएं, कोई फायदा नहीं होगा। जीतेगी तृणमूल ही। इस बयान को लेकर भाजपा ने तीखा कटाक्ष किया है।
एसआईआर (SIR) के काम के दौरान विभिन्न इलाकों से अशांति और तोड़फोड़ की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस स्थिति में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती थी केंद्र सरकार। इसलिए मतदान की तिथि घोषित होने से पहले ही केंद्रीय बल तैनात करने का फैसला गृह मंत्रालय ने लिया। 1 मार्च को 240 कंपनियां आईं। बाकी 240 कंपनियां 10 मार्च को पहुंचीं।
केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद ही रविवार को चुनाव आयोग ने मतदान की घोषणा की। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। इसके बाद ही रात में केंद्रीय बलों को लेकर काजल ने निशाना साधा।
अनुव्रत के जेल जाने के बाद से ही बीरभूम में तृणमूल का संगठन वही संभाल रहे हैं। यहां तक कि अनुव्रत के जेल से रिहा होने के बाद भी उन्होंने कहा कि कोई फायदा नहीं होगा। अमेरिका, लंदन जहां से चाहे सेना लाएं। आम लोग तृणमूल नेता ममता बनर्जी और सर्वभारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा नामित उम्मीदवार को ही वोट देंगे। तृणमूल ही जीतेगी।
दो चरणों में मतदान होने पर भी काजल को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने 2021 के आठ चरणों में हुए मतदान की याद दिलाई। काजल के शब्दों में - उस बार भी हम जीते थे। इस बार भी जीतेंगे। आठ चरण में हो, एक चरण में हो या दो चरण में हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर छह महीने पहले भी चुनाव होते, तब भी तृणमूल ही जीतती।