शांतिनिकेतन: विश्वभारती विश्वविद्यालय के उत्सव भवन में सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन द्वारा आयोजित साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम ने कला और शब्दों का अद्भुत मिलन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध संगीतज्ञ डॉ. अजय राय ने हिंदी कविताओं को संगीतबद्ध कर सुनाया, जबकि युवा संगीतज्ञ आनंदवर्धन ने भावपूर्ण भजन प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
हिंदी विभाग की प्रोफेसर मंजू रानी सिंह ने कहा कि उत्सव भवन के इस आयोजन ने साहित्य और कला के बीच एक सशक्त पुल का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि साहित्य और कला न केवल हमारी रुचियों को परिष्कृत करती हैं बल्कि हमें सामाजिक और संवेदनशील बनाती हैं।
युवा कथाकार चंदन पांडेय ने इस तरह के आत्मीय और जीवंत आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया। हिंदी विभाग की सहायक प्रोफेसर श्रुति कुमुद ने आलोक धन्वा की चर्चित कविता ‘भागी हुई लड़कियां’ का पाठ किया, जिसने उपस्थित श्रोताओं के दिलों को छू लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि राज्यवर्धन और युवा कवि आनंद गुप्ता, विकास कुमार, अजय पोद्दार, स्वीटी महतो, अनूप प्रसाद ने कविता पाठ किया, जबकि डॉ. इतु सिंह, नैना प्रसाद और शकील अख्तर ने मधुर गीतों से माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन के संयुक्त महासचिव संजय जायसवाल ने कहा कि मिशन का उद्देश्य साहित्य और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सृजन व संवाद की स्वस्थ परंपराओं को बनाए रखना है। इस अवसर पर अवकाश प्राप्त राजभाषा अधिकारी उदय भान दुबे, प्रो. अल्पना नायक, असित कुमार पांडेय, अमरजीत पंडित, प्रो. मंटू दास, संजय दास, डॉ. विकास साव, फूलचंद, भोला साहा, चंदन भगत, प्रिया गुप्ता, अनुराधा भगत, अनूप प्रसाद सहित दर्जनों संस्कृति प्रेमी उपस्थित थे, जिन्होंने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।