बीरभूमः बीरभूम से स्थांतरण हुई चर्चित बगटुई मामला। कई सालों में रामपुरहाट अदालत में यह मामला चल रहा था। अब इसे पूर्व बर्दवान स्थानांतरित किया गया है। कोलकाता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अजय मुखोपाध्याय ने बुधवार को यह निर्देश दिया। बगटुई कांड के मामले के स्थानांतरण के लिए हाईकोर्ट में CBI ने अपील की थी। बुधवार को उच्च न्यायालय ने उस अपील को स्वीकार कर लिया। बगटुई मामला अब पूर्व बर्दवान के जिला न्यायाधीश के पास गया।
2025 में मामले को स्थानांतरित करने की मांग सीबीआई ने की थी। अदालत में सीबीआई ने कहा कि किसी भी अदालत को बीरभूम के बाहर मामले की सुनवाई के निर्देश दें। उनका आरोप था कि बीरभूम में गवाह स्वतंत्र रूप से गवाही नहीं दे पा रहे हैं।
अदालत का अवलोकन, सीबीआई की ओर से उठाया गया आरोप तर्कसंगत है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने हाईकोर्ट को जो रिपोर्ट दी है, उसमें भी अदालत को सीबीआई का आरोप सही प्रतीत होता है। इसके बाद ही अदालत ने इस मामले को हटा कर पूर्व बर्दवान भेज दिया।
2022 के 21 मार्च की रात को रामपुरहाट थाने के 14 नंबर राष्ट्रीय सड़क के बगटुई मोड़ पर बम से हमला करके इलाके के दबंग तृणमूल नेता और स्थानीय बड़शल गांव पंचायत के तत्कालीन उपप्रधान भादु शेख की हत्या कर दी गई थी। इसी बीच उसी रात बगटुई के कई घरों में आग लगा दी गई थी। कम से कम 8 लोगों के मरने की खबर सामने आई थी। शुरुआत में जांच का जिम्मा CID को दिया गया। बाद में कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को मिला।