कोलकाता: आयकर महानिदेशक (अन्वेषण), पश्चिम बंगाल, सिक्किम एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र कार्यालय की ओर से “परिवार सहित हिंदी उत्सव – हिंदी हमारी पहचान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आयकर महानिदेशक (अन्वेषण) योगेश कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत के सभी छंदों के वादन तथा राष्ट्रगान के साथ हुई। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य केवल कार्यालय में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना ही नहीं था बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच आत्मीय संबंधों को भी मजबूत करना था। इसी भावना के साथ कर्मचारियों के लिए आशु भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न समसामयिक और सामाजिक विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
वहीं, कर्मचारियों के बच्चों के लिए लघु भाषण और काव्य-पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। नन्हे प्रतिभागियों के आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतीकरण तथा कर्मचारियों की सृजनात्मक अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक बनाया। उनकी प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष प्रधान आयकर आयुक्त, केंद्रीय–1 सुशील कुमार पोद्दार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस समारोह में प्रधान आयकर निदेशक (अन्वेषण) जसदीप सिंह, प्रधान आयकर आयुक्त, केंद्रीय–2, कोलकाता जे. जे. कामेई सहित विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वागत संबोधन सहायक निदेशक (राजभाषा), कोलकाता विजय कुमार साव द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालय की भाषा नहीं बल्कि संवाद, संस्कार और सहभागिता की भाषा है तथा कार्यालय से परिवार तक इसका विस्तार हिंदी के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मंच संचालन कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी रोहित मेहता ने किया, जबकि आयकर अधिकारी संजीव कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। सफल बाल प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र के साथ स्कूल बैग भी प्रदान किए गए, जबकि अन्य सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप स्कूल बैग देकर सम्मानित किया गया।
यह आयोजन हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यालय और परिवार के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने की एक प्रेरक पहल साबित हुआ। तथा राजभाषा हिंदी के संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।