मंगलवार को कोलकाता समेत अलग-अलग जिलों की अदालत को बम से उड़ाने का धमकी भरा ई-मेल और मैसेज मिलते ही हड़कंप मच गया। कोलकाता के सिटी सिविल कोर्ट (City Civil Court), आसनसोल जिला अदालत, दुर्गापुर महकमा अदालत, मुर्शिदाबाद जिला जज के ऑफिस में बम रखा होने का धमकी भरा ई-मेल और संदेश आया था।
इसके तुरंत बाद ही प्रशासन हरकत में आ गयी और सभी अदालत परिसरों को खाली कर स्निफर डॉग से पुलिस ने तलाशी अभियान चलाना शुरू कर दिया। हालांकि कहीं भी किसी संदेहास्पद वस्तु के मिलने की कोई जानकारी नहीं मिली है।
इसके बाद ही मंगलवार की दोपहर को राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा, कोलकाता पुलिस के कमिश्नर सुप्रतिम सरकार और डीजीपी पीयूष पांडे ने संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान सभी ने बेवजह आतंकित न होने की अपील की।
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गौरतलब है कि इस समय बड़ी संख्या में न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIR के काम में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में धमकी भरे ई-मेल और मोबाइल पर संदेश के आने में कोई संपर्क है या नहीं? इस बारे में मुख्यसचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने कहा कि जिला जज अपना काम कर रहे हैं। उन्हें हर प्रकार से सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य दृढ़ प्रतिज्ञ है। सरकार की ओर से सभी प्रकार की सहायता और सुरक्षा प्रदान करने का उन्होंने आश्वासन दिया।
कोलकाता पुलिस के कमिश्नर सुप्रतिम सरकार ने कहा कि कोलकाता के दो कोर्ट-सिटी कोर्ट और बैंकशाल कोर्ट में धमकी भरा ई-मेल आया है। तुरंत कदम उठाया गया। डिटेक्टिव विभाग के अधिकारी भी वहां गए। उन्होंने बताया कि वह ई-मेल फर्जी था। कहां से मेल भेजा गया था, इसके पीछे कौन से लोग हैं इसकी साइबर क्राइम शाखा और डिटेक्टिव विभाग के लोग जांच कर रहे हैं।
ये सभी ई-मेल को एक ही जगह से भेजा गया था या अलग-अलग जगहों से भेजा गया था इस बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन इतना जरूर कहा गया कि धमकी भरे सभी ई-मेल का 'पैटर्न' एक जैसा ही है। कोलकाता पुलिस के कमिश्नर का दावा है कि दुर्भावना से ही यह काम किया गया है।