🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

विधानसभा चुनाव के लिए उपयोग में लाए जाएंगे कॉलेज परिसर! लालबाजार ने शुरू की तैयारी

कलकत्ता विश्वविद्यालय के अधीन विभिन्न कॉलेजों में केंद्रीय बल के जवानों के रहने की व्यवस्था की जा रही है।

By Snehasis Neogi, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 24, 2026 11:24 IST

विधानसभा चुनाव से पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में 480 कंपनी केंद्रीय बल की तैनाती को मंजूरी दे दी थी। दावा किया गया था कि चुनाव के दौरान बंगाल में शांति-व्यवस्था को बनाए रखने और आम लोगों के मन में बैठे डर को दूर भगाने के लिए ही यह कदम उठाया गया है। लेकिन इतनी भारी केंद्रीय बल को रखा कहां जाएगा?

केंद्रीय बल के जवानों के रहने की व्यवस्था के लिए लालबाजार (Lalbazar) ने तैयारियां शुरू कर दी है। बताया जाता है कि कलकत्ता विश्वविद्यालय (University of Calcutta) के अधीन विभिन्न कॉलेजों में केंद्रीय बल के जवानों के रहने की व्यवस्था की जा रही है।

बताया जाता है कि कोलकाता के विभिन्न थानों के अधिकारियों ने संबंधित कॉलेज के प्रिंसिपल से संपर्क करना शुरू कर दिया है। कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग या पुलिस ने जो कॉलेज नहीं लिया था, उन कॉलेजों की मांग कर वहां की परिस्थिति को जांच की जा रही है। इस वजह से 6 मार्च से 24 अप्रैल के बीच पूर्व निर्धारित स्नातक तृतीय व प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं भी बाधित होने की आशंका पैदा हो गयी है।

कलकत्ता विश्वविद्यालय का पत्र

कलकत्ता यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक जयंत सिन्हा ने स्नातक के सेमेस्टर परीक्षा और चुनाव दोनों आवश्यक प्रक्रियाओं को एक साथ संभालने की तैयारियां करने की हिदायत करीब 150 कॉलेजों को दिया था। उन्होंने प्रिंसिपल और टीचर-इन-चार्ज को लिखे पत्र में कहा था कि कई कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, वहीं कई कॉलेजों में केंद्रीय बल के जवानों को ठहराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

Read Also | विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में भारी केंद्रीय बल की तैनाती, गृह मंत्रालय ने दी 480 कंपनी की मंजूरी

इसके साथ ही चुनाव संबंधित अन्य कार्यों में भी कॉलेज की इमारतों का इस्तेमाल किया जाएगा। परीक्षा की स्वाभाविक प्रक्रिया में कोई बाधा न पैदा हो, इस मामले में उन्होंने चेताया भी था। उसी पत्र के आधार पर कॉलेज के प्रिंसिपल आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहे हैं।

कॉलेजों ने क्या कहा?

लेडी ब्रेबॉर्न कॉलेज की प्रिंसिपल सिउली सरकार का कहना है कि 2024 में लोकसभा चुनावों के समय भी हमारे कॉलेज में केंद्रीय वाहिनी को ठहराने में हमने आपत्ति जतायी थी। अब परीक्षा नियंत्रक का पत्र समेत स्थानीय थाना और कमिश्नर के ऑफिस में भी पत्र भेजा है। इसमें अनुरोध किया है कि हमारे कॉलेज का इस्तेमाल सिर्फ वोटिंग बूथ बनाने के लिए ही किया जाए।

इससे अधिक दिनों तक परिसर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। स्नातक की परीक्षा के साथ-साथ कॉलेज में 10 और विषयों की स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी होती है। अगर वोटिंग बूथ के अलावा किसी और काम में कॉलेज परिसर का इस्तेमाल किया गया तो पढ़ाई और परीक्षा दोनों बाधित होगी।

आचार्य गिरिशचंद्र बोस कॉलेज के प्रिंसिपल असीत सरकार का कहना है कि लोकसभा व विधानसभा में कई चरणों में चुनाव करवाए गए थे लेकिन तब हमारा कॉलेज नहीं लिया गया था। लेकिन इस बार मुचिपाड़ा थाना के अधिकारी आकर चुनाव के कार्यों के लिए कॉलेज लेने की बात कहकर गए हैं। हालांकि हमने परीक्षा और पढ़ाई के बारे में विचार कर छूट देने का अनुरोध किया है।

आचार्य जगदीश चंद्र कॉलेज के प्रिंसिपल समीरण मंडल ने भी बताया कि उनके कॉलेज में भी पुलिस अधिकारी गए थे। लेकिन चुनाव के काम के लिए कितने दिनों तक परिसर का इस्तेमाल किया जाएगा इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है। वह सूची मिलेगी उसके बाद ही हम विश्वविद्यालय के परीक्षा शेड्यूल के मिलाकर कोई फैसला ले सकेंगे।

Prev Article
कोलकाता में फिर चली गोली, एक घायल
Next Article
कोलकाता की विरासत ‘गीतांजलि’: शहर की गलियों में पुरानी यादों का सफर

Articles you may like: