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विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में भारी केंद्रीय बल की तैनाती, गृह मंत्रालय ने दी 480 कंपनी की मंजूरी

मार्च के महीने में ही पश्चिम बंगाल में 480 कंपनी केंद्रीय बल को तैनात कर दिया जाएगा।

By Shubhrajit Chakraborty, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 21, 2026 14:30 IST

पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया चल रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अव्यवस्था व तोड़फोड़ का आरोप लगाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने बड़ा फैसला लिया है।

चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही राज्य में केंद्रीय बल को तैनात किया जा रहा है। इस बाबत शनिवार को अमित शाह के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति भी जारी कर दी है। इस विज्ञप्ति के मुताबिक मार्च के महीने में ही पश्चिम बंगाल में 480 कंपनी केंद्रीय बल को तैनात कर दिया जाएगा।

शुक्रवार को SIR से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से 28 फरवरी को ही अंतिम मतदाता सूची जारी करने का फैसला चुनाव आयोग को सुना दिया है। हालांकि चुनाव आयोग को एक मौका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर पूरी मतदाता सूची का काम पूरा नहीं होता है तो सप्लिमेंट्री सूची जारी की जा सकती है। इसके ठीक 24 घंटे के अंदर गृह मंत्रालय ने केंद्रीय बल की तैनाती का फैसला लिया है। राजनैतिक जानकार इसे बड़ा फैसला मान रहे हैं।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक बंगाल में दो चरणों में 480 कंपनी केंद्रीय बल को तैनात किया जाएगा। पहले चरण में 1 मार्च को 240 कंपनी केंद्रीय बल राज्य में आएगी। दूसरे चरण में 240 कंपनी केंद्रीय बल 10 मार्च को राज्य में आएगी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चुनाव को लेकर आम लोगों के मन में बैठे डर को दूर करने और हिंसा प्रभावित इलाकों में निगरानी के लिए ही चुनाव आयोग केंद्रीय बल का इस्तेमाल करना चाहता है।

गौरतलब है कि राज्य में SIR की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही कई मामले सामने आए हैं। BLO से लेकर रोल ऑब्जर्वर तक को विरोध-प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है। सिर्फ इतना ही नहीं पिछले साल दिसंबर में दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट में विशेष पर्यवेक्षक सी. मुरुगन की गाड़ी पर हमला करने का आरोप भी लगाया गया था।

इन घटनाओं की वजह से SIR मामले की सुनवाई के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर डीजी को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार भी लगायी थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि कानून का पालन नहीं करते हुए अगर कदम उठाया गया तो डीजी को भुगतना पड़ेगा। इस बीच केंद्रीय बल को तैनात करने की घोषणा को राजनैतिक विशेषज्ञ बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

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