नई दिल्ली/कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाते दावा किया है चुनाव आयोग व्हाट्सऐप ग्रुप में ही सभी निर्देश दे रहा है। उन्होंने इसके सबूत के तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई स्क्रीनशॉट साझा किये हैं। उनकी पोस्ट में विशेष पर्यवेक्षक आईएएस सी. मुरुगन का नाम भी सामने आया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन पर जोर दिया है, लेकिन इसके बावजूद आधिकारिक और लिखित आदेशों की जगह व्हाट्सऐप के माध्यम से निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष रोल ऑब्जर्वर सी. मुरुगन द्वारा माइक्रो ऑब्जर्वरों को व्हाट्सऐप ग्रुप में जन्म प्रमाणपत्रों की वैधता से जुड़े निर्देश दिए गए, जिससे मतदाता सूची से नाम हटाने की संख्या बढ़ाई जा सके।
Is the @ECISVEEP of the view that directions of the Honble Supreme Court can be openly FLOUTED? The highest Court of the land has repeatedly emphasised transparency, due process, and adherence to official channels of communication. Yet we are witnessing instructions being pic.twitter.com/YVtwkK8p5m
” Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) February 18, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि माइक्रो ऑब्जर्वरों की भूमिका केवल सहायक होनी चाहिए। ऐसे में वैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार कर निर्देश दिए जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।
तृणमूल सांसद ने एक और आरोप लगाते हुए कहा कि जिला स्तर पर नियुक्त रोल ऑब्जर्वरों के लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कोलकाता के एक केंद्रीय स्थान से किया जा रहा है। उनका दावा है कि लॉगिन डेटा का दुरुपयोग कर एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। यदि स्वतंत्र जांच हो तो टावर लोकेशन और आईपी एड्रेस से सच्चाई सामने आ सकती है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता जनता के विश्वास पर टिकी है, न कि किसी राजनीतिक संरक्षण पर। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सब दिल्ली में बैठे चुनाव आयोग के ‘पॉलिटिकल मास्टरों’ के इशारे पर हो रहा है। अभिषेक ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका को एक बार फिर देश की सर्वोच्च अदालत के समक्ष उठाया जाएगा।