मुंबई : एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बताया कि बैंक के कुछ कामकाज और प्रक्रियाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और सिद्धांतों से मेल नहीं खातीं। इसलिए उन्होंने तुरंत पद छोड़ने का फैसला किया। इस घटना के बाद गुरुवार को एचडीएफसी बैंक के शेयर पर नजर रहेगी।
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक के पद छोड़ने के संबंध में अतनु चक्रवर्ती ने अपने पत्र में लिखा कि पिछले दो वर्षों में मैंने बैंक की कुछ घटनाओं और काम करने के तरीके को देखा है, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हैं। इसी कारण मैंने यह निर्णय लिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा उनके इस्तीफे का कोई बड़ा कारण नहीं है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन घटनाओं के चलते उन्होंने यह फैसला लिया। सूत्रों के अनुसार, कुछ समय से बैंक के बोर्ड के भीतर कामकाज को लेकर मतभेद चल रहे थे।
अतनु के इस्तीफे के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने केकी मिस्त्री को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वह 19 मार्च से तीन महीने के लिए इस पद पर रहेंगे। केकी मिस्त्री इससे पहले एचडीएफसी लिमिटेड के वाइस-चेयरमैन थे, जो बाद में एचडीएफसी बैंक में विलय हो गया।
अतनु चक्रवर्ती मई 2021 में एचडीएफसी बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे। वह गुजरात कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। 2019-20 वित्त वर्ष में वह वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव थे। उस समय उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की आर्थिक नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह बजट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की भी देखरेख करते थे।
एचडीएफसी बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। इसका बाजार पूंजीकरण लगभग 12.97 लाख करोड़ रुपये है। इस घटना के बाद गुरुवार को एचडीएफसी बैंक के शेयर पर नजर रहेगी, क्योंकि इस खबर के सामने आने के बाद न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में एचडीएफसी के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (HDFC ADR) के शेयरों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। भारत के शेयर बाजार में इस बैंकिंग स्टॉक पर क्या असर पड़ता है, इस पर अब निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर है।