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संजय राउत का बड़ा हमला - 'भारत में चुनाव हाइजैक', UN को दिया न्योता, ममता बनर्जी पर जताया भरोसा

संजय राउत ने संयुक्त राष्ट्र संघ से अपील की है कि वे अपने पर्यवेक्षक भारत भेजे ताकि वे खुद देख सकें कि यहां चुनाव किस प्रकार से करवाएं जाते हैं।

By Moumita Bhattacharya

Mar 21, 2026 17:49 IST

शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने शनिवार को भारत की चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव “मैनिपुलेट, हाइजैक, दबाव में और यहां तक कि हैक” किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से अपील की है कि वे अपने पर्यवेक्षक भारत भेजे ताकि वे खुद देख सकें कि यहां चुनाव किस प्रकार से करवाएं जाते हैं।

संजय राउत (Sanjay Raut) ने आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में हर हाल में सत्ता हथियाना चाहती है और इसके लिए लोकतांत्रिक तरीकों से हटकर राजनीति कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक भाजपा की रणनीतियों को सफल नहीं होने दिया और आगे भी ऐसा ही होगा।

संयुक्त राष्ट्र खुद आए और देखें

मीडिया से बात करते हुए संजय राउत (UBT) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया भर में भारत के लोकतंत्र की बात करते हैं। मैं संयुक्त राष्ट्र से अपील करुंगा कि वह अपने प्रतिनिधि भारत भेजे और देखें कि यहां कैसे चुनाव करवाएं जाते हैं। संजय राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि दुनिया को पता चलना चाहिए कि यह दावे कितने गलत हैं।

देश में चुनाव “मैनिपुलेट, हाइजैक, दबाव में और यहां तक कि हैक” किए जा रहे हैं। बिहार, महाराष्ट्र कहीं भी निष्पक्ष चुनाव नहीं हुए हैं। साथ ही राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब से नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने केंद्र में सत्ता संभाली है, तब से पंचायत से लेकर लोकसभा तक, कोई भी चुनाव निष्पक्ष रूप से नहीं करवाया गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब से प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने केंद्र में सत्ता संभाली है, तब से गांव के पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा तक कोई भी चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा, 'पहले बूथ कैप्चरिंग होती थी लेकिन अब मतदाता सूचियों में हेरफेर का रास्ता अपनाकर चुनाव प्रभावित किए जाते हैं।' उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 'अघोषित राष्ट्रपति शासन' और 'अघोषित आपातकाल' है।

अधिकारियों के तबादले पर उठाया सवाल

विधानसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के तबादले पर संजय राउत ने सवाल उठाया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "चुनाव घोषित होने के 24 घंटे के अंदर मुख्य सचिव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, डीआईजी, जिला मजिस्ट्रेट समेत 100 से अधिक अधिकारियों का तबादला कर दिया गया और उनकी जगह ऐसे अधिकारियों को नियुक्त किया गया जो वर्दी में तो होते हैं लेकिन भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं।"

उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या यहीं लोकतंत्र है? क्या ये चुनाव है?' ANI से हुई बातचीत में उन्होंने भाजपा पर तीखा वार करते हुए कहा कि जैसे मुंबई में कभी दाऊद इब्राहिम का अंडरवर्ल्ड था वैसे ही पश्चिम बंगाल में भाजपा का इस्तेमाल ममता बनर्जी के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल में अधिकारियों का तबादला किया गया वैसा ही गुजरात और असम में किया जाए।

हालांकि उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि ममता दीदी नहीं हारेंगी क्योंकि जनता उनके साथ है।

चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और भाजपा में नहीं है अंतर

संजय राउत ने भाजपा पर तीखा वार करते हुए कहा कि अब चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और भाजपा में कोई अंतर नहीं है। सभी एक जैसे ही हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अगर पीएम मोदी निष्पक्ष होते तो गुजरात में वह चुनाव हार जाते। उन्होंने असम और गुजरात में भी बंगाल जैसे ही अधिकारियों के तबादले की मांग उठायी। उनका दावा है कि जैसे शरद पवार के जीवित रहते हुए उनकी पार्टी को अजीत पवार को दे दी गयी, वैसे ही बाल ठाकरे और उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़कर दूसरे लोगों को सौंप दी गयी।

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