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नाराज भाजपा नेता पर पुलिस अधिकारी ने डाला तृणमूल में शामिल होने का 'दबाव' : शुभेंदु अधिकारी

लगभग 45 मिनट तक चली इस बैठक के बाद शुभेंदु अधिकारी ने बाहर आकर बड़ा आरोप लगाया।

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने पूर्व मिदनापुर के महिषादल केंद्र से प्रत्याशी को बदला है। वर्ष 2021 के चुनाव में इस केंद्र से विश्वनाथ बंद्योपाध्याय को प्रत्याशी बनाया गया था। इस बार जब विश्वनाथ को टिकट नहीं दिया गया तो वह नाराज हो गए। उन्होंने पार्टी छोड़ने की बात तक कह डाली थी। इसके बाद शुक्रवार की सुबह उनके घर पर विधान सभा में विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी पहुंचे।

लगभग 45 मिनट तक चली इस बैठक के बाद शुभेंदु अधिकारी ने बाहर आकर बड़ा आरोप लगाया। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वनाथ बंद्योपाध्याय ने जैसे ही पार्टी की घोषणा की गयी उसके बाद ही एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें तृणमूल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। शुक्रवार की सुबह शुभेंदु अधिकारी महिषादल थाना भी पहुंचे।

थाना में कार्यरत पुलिस अधिकारियों के साथ भी उन्होंने बात की। बाद में संवददाताओं को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस से कहूंगा कि निष्पक्षता बनाए रखते हुए काम करें। आपको वेतन सरकार देती है, तृणमूल कांग्रेस नहीं।

उन्होंने आगे चेतावनी के लहजे में कहा कि अगर ऐसा किया गया तो कोई नहीं बच पाएगा। हम इस बार का चुनाव अलग तरीके से करें। अगर ऐसी घटना फिर से घटती है तो चुनाव आयोग से शिकायत की जाएगी। वहीं दूसरी ओर महिषादल थाना के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद है। वह थाना में आकर क्या बताकर गए, यह पता नहीं।

गौरतलब है कि पार्टी ने टिकट नहीं देने पर 16 मार्च को मीडिया के सामने विश्वनाथ बंद्योपाध्याय ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा कॉर्पोरेट कंपनी बन गयी है। उनका आरोप है कि प्रत्याशियों की सूची में भी इस बात की झलक दिख रही है। हालांकि शुभेंदु अधिकारी के साथ लंबी बैठक के बाद विश्वनाथ बंद्योपाध्याय ने कहा कि वह भाजपा में थे और भविष्य में भी रहेंगे।

महिषादल के वर्तमान विधायक और इस साल के तृणमूल प्रत्याशी तिलक कुमार चक्रवर्ती ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ताश के पत्ते की तरह ढेर हो रही है। वह सबको रोक सकेंगे। ऐसे कई विश्वनाथ पार्टी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं। डरा-धमका कर कोई फायदा नहीं होगा।

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