मॉस्कोः रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने शुक्रवार को देश के लाखों मुसलमानों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दी। मॉस्को की चार प्रमुख मस्जिदों में करीब दो लाख लोग नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा हुए।
अपने संदेश में पुतिन ने कहा, “सदियों से यह त्यौहार विश्वासियों की नैतिक उन्नति, करुणा और दया की आकांक्षाओं का प्रतीक रहा है। रूस के मुसलमान अपने पूर्वजों की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए इसे बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं।”
राष्ट्रपति ने मुस्लिम संगठनों के योगदान को भी सराहा। उन्होंने अपने संदेश में परिवार के महत्व को मजबूत करने, युवाओं को शिक्षित करने, सरकार और समाज के बीच रचनात्मक संवाद स्थापित करने और देशभक्ति, शैक्षिक तथा मानवीय पहलों में निरंतर योगदान देने में भूमिका निभाने के लिए संगठनों की सराहना की।
उन्होंने विशेष रूप से सेना में तैनात मुसलमानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये लोग देश की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए अपने साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ते हैं और अपने साथियों के परिवारों का समर्थन करते हैं।
रूस के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों जैसे तातारस्तान (Tatarstan), बाशकोर्टोस्तान (Bashkortostan), चेचन्या (Chechnya) और दागेस्तान (Dagestan) में इस अवसर पर धार्मिक प्रमुखों ने भी रूसी सैनिकों के लिए प्रार्थना की। रूस में ईद-उल-फितर सोवियत संघ के पतन के बाद से सरकारी छुट्टी का दर्जा रखता है।
रूस में लगभग 2.5 करोड़ मुसलमान हैं, जिनमें पूर्व सोवियत मध्य एशियाई गणराज्यों से आए प्रवासी भी शामिल हैं। पुतिन का संदेश मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, सांस्कृतिक और सैन्य भूमिका को सम्मान देने के लिए भी माना जा रहा है। रूस में ईद-उल-फितर का त्यौहार न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि मुस्लिम समुदाय की सामाजिक और देशभक्ति में योगदान को मान्यता देने का भी अवसर है।