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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026ः DMK का व्यंग्य- “मुख्यालय पर ताला लगा दो”

AIADMK ने सीट बंटवारे के लिए दिल्ली का रुख किया। एडाप्पडी पलानीस्वामी की दिल्ली बैठक पर DMK ने कड़ा तंज कसा। BJP और AIADMK ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताया।

By श्वेता सिंह

Mar 20, 2026 18:53 IST

चेन्नई/नई दिल्ली: तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं। आगामी चुनाव 23 अप्रैल को प्रस्तावित है और इस बार एनडीए गठबंधन में AIADMK की अगुवाई को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। सत्तारूढ़ DMK ने विपक्षी नेता एडाप्पडी के. पलानीस्वामी (EPS) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सीट-बंटवारे की महत्वपूर्ण बातचीत दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निवास पर हुई, जबकि यह चर्चा चेन्नई में AIADMK मुख्यालय में होनी चाहिए थी।

DMK का व्यंग्य: “मुख्यालय पर ताला लगा दो”

DMK के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री K.N. नेहरू ने तंज कसा कि यदि AIADMK तमिलनाडु में एनडीए की अगुवाई कर रही है, तो सीट-शेयरिंग की बातचीत उसके चेन्नई मुख्यालय (रॉयापेट्टा, अव्वई शनमुघम सलाई) में होनी चाहिए थी। नेहरू ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यालय एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) द्वारा बनवाया गया था, वहां बैठक नहीं हो सकती?

उन्होंने व्यंग करते हुए सुझाव दिया कि चुनाव तक AIADMK मुख्यालय को ताला लगा देना चाहिए। नेहरू ने कहा कि एमजीआर और जयललिता के दौर में गठबंधन की प्रमुख पार्टी ही सहयोगियों को सीटें आवंटित करती थी, लेकिन अब पलानीस्वामी अमित शाह के दरवाजे पर जाकर अपनी पार्टी के लिए ज्यादा सीटें मांग रहे हैं।

नेहरू ने इसे “अमित शाह DMK” करार देते हुए कहा कि यह तीसरी बार है जब पलानीस्वामी दिल्ली गए हैं और हर बार निर्णय अमित शाह के परामर्श के बाद होते हैं। उन्होंने PMK के अनबुमणि रामदास और AMMK के टीटीवी दिनकरन को भी इसमें शामिल बताया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अब कुछ दल भी दिल्ली पर निर्भर हैं।

BJP और AIADMK का जवाब: “सब सामान्य प्रक्रिया है”

तमिलनाडु BJP प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने DMK के आरोपों का पलटवार किया। उन्होंने कहा, “इसमें क्या गलत है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि सीट-बंटवारे की औपचारिक बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है।

पलानीस्वामी दिल्ली गए थे लेकिन वापस लौट आए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 21 मार्च को राज्य दौरे पर आ रहे हैं, जिसके बाद गठबंधन में सीट-शेयरिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पलानीस्वामी ने खुद लौटकर कहा कि एनडीए में सीट-बंटवारे की प्रक्रिया अगले चार दिनों में पूरी हो जाएगी और कोई अड़चन नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार BJP को लगभग 27 सीटें मिल सकती हैं, जबकि PMK और AMMK को भी कुछ सीटें आवंटित की जा सकती हैं। AIADMK कुल 234 सीटों में से अधिकांश पर चुनाव लड़ेगी।

दिल्ली बनाम चेन्नई की राजनीति

यह विवाद DMK की रणनीति का हिस्सा लगता है, जिसमें वह AIADMK को “दिल्ली-निर्भर” दिखाकर तमिलनाडु की क्षेत्रीय पहचान और स्वाभिमान का मुद्दा उठा रही है। DMK का कहना है कि AIADMK अब गठबंधन की अगुवाई नहीं कर पा रही, बल्कि केंद्र के इशारे पर चल रही है।

वहीं, NDA पक्ष इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहा है, क्योंकि अमित शाह राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए के प्रमुख समन्वयक हैं। इस घटनाक्रम से साफ है कि तमिलनाडु चुनाव में गठबंधन की जंग अब “अगुवाई” और “निर्भरता” के मुद्दे पर केंद्रित हो गई है।

चुनावी तालमेल और गठबंधन रणनीति

AIADMK ने संकेत दिया है कि वह गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखेगी। BJP और AIADMK के बीच सीट-बंटवारे की प्रक्रिया पूर्ण रूप से पारदर्शी और औपचारिक तरीके से आगे बढ़ रही है। PMK और AMMK जैसी सहयोगी पार्टियां भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं।

सियासी विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद AIADMK और DMK के बीच केंद्र और राज्य स्तर पर चल रही सत्ता-संघर्ष की छाया को उजागर करता है। DMK का उद्देश्य AIADMK को राज्य में कमजोर दिखाना और एनडीए गठबंधन पर सवाल उठाना है। वहीं NDA इसे रणनीतिक रूप से सामान्य प्रक्रिया बताकर शांत करने की कोशिश कर रहा है।

तमिलनाडु में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सीट-बंटवारे के मुद्दे ने राजनीति को दिल्ली और चेन्नई के बीच केंद्रित कर दिया है। आने वाले चार दिनों में सीट-बंटवारे का फाइनल फॉर्मूला तय होगा, जिससे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की दिशा स्पष्ट हो जाएगी।

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