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CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किए कैविएट, केजरीवाल और सिसोदिया के SLP पर निगरानी

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ SLP, CBI ने सुनवाई से पहले अपनी दलील सुरक्षित करने की तैयारी की।

By श्वेता सिंह

Mar 20, 2026 14:06 IST

नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली शराब नीति (Excise Policy) मामले में दायर विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में तीन कैविएट दायर किए हैं। ये याचिकाएं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ AAP नेता मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों द्वारा दायर की गई थीं, जिनमें दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है और मामले के स्थानांतरण की मांग की गई है।

CBI ने ये कैविएट इसलिए दायर किए हैं ताकि सुप्रीम कोर्ट बिना CBI की सुनवाई किए कोई आदेश ना पारित करे। ऐसे आवेदन तब दायर किए जाते हैं जब किसी पक्ष को आशंका होती है कि मामला तुरंत सूचीबद्ध किया जा सकता है और वह अपनी दलील रखने का मौका चाहता है।

SLP अभी "डिफेक्ट" के रूप में सूचीबद्ध

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, केजरीवाल और अन्य द्वारा दायर SLP अभी “under defect” स्थिति में हैं। इसका मतलब है कि कुछ प्रक्रिया संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी बाकी हैं, उसके बाद ही मामला औपचारिक रूप से सूचीबद्ध होगा।

याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया है। इसमें दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वरना कांता शर्मा की बेंच से मामला ट्रांसफर करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि पहले की सुनवाइयों में जज द्वारा कथित तौर पर पूर्वाग्रहपूर्ण टिप्पणियां की गई थीं, खासकर जमानत मामलों में, जो भविष्य की सुनवाई में निष्पक्षता पर सवाल उठाती हैं।

याचिकाओं में यह भी बताया गया है कि हाल ही में जज ने CBI की अपील पर ट्रायल कोर्ट के आदेश को रोक दिया, जिसमें सभी आरोपियों को बरी किया गया था।

दिल्ली हाईकोर्ट की प्रतिक्रिया

इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने मामले के प्रशासनिक रूप से ट्रांसफर करने की याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने कहा कि मामला रोज़र के अनुसार आवंटित किया गया है, और किसी भी रिकस्ल (recusal) का निर्णय केवल संबंधित जज द्वारा ही लिया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश के अनुसार,"पेटिशन वर्तमान रोज़र के अनुसार जज को आवंटित की गई है। रिकस्ल का निर्णय केवल सम्माननीय जज को लेना है। प्रशासनिक पक्ष से मामले का ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं पाया गया।"

अब तक इस मामले में क्या हुआ?

दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामला (Excise Policy 2021-22) में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा इसकी जांच की जा रही है। इस मामले में कई AAP नेताओं को आरोपी बनाया गया है, जिनमें केजरीवाल और सिसोदिया भी शामिल हैं।

अब जबकि CBI ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिए हैं और SLP अभी डिफेक्ट से मुक्त नहीं हुई हैं, मामला औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा।

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