नई दिल्ली : देश के सबसे बड़े निजी बैंक के शेयर मूल्य में गिरावट शुक्रवार को भी जारी रही। चेयरमैन पद से अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद गुरुवार को ही एचडीएफसी बैंक के शेयर में गिरावट आई थी। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी50 संभलने के बावजूद यह स्टॉक गिरावट के असर से बाहर नहीं निकल पाया।
सप्ताह के अंतिम ट्रेडिंग सत्र में लगभग 2 प्रतिशत गिरकर इस कंपनी का शेयर मूल्य 781 रुपये पर आ गया। पिछले एक वर्ष में इस शेयर का न्यूनतम मूल्य 772 रुपये रहा है। इस वर्ष मार्च महीने में इस कंपनी के स्टॉक का मूल्य 10 प्रतिशत से अधिक गिरा है। 2020 के मार्च के बाद एक महीने के हिसाब से यह इस बैंक के शेयर की सबसे बड़ी गिरावट है। इस स्थिति में इस स्टॉक को लेकर विभिन्न ब्रोकरेज संस्थाओं ने क्या सलाह दी है?
चेयरमैन के इस्तीफे और उसके कारण स्टॉक में गिरावट के बाद भी एचडीएफसी बैंक के शेयर को लेकर ब्रोकरेज संस्था मोतीलाल ओसवाल आशावादी है। इस स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस संस्था के विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक वर्ष में इस कंपनी के शेयर का मूल्य 38 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसका टार्गेट प्राइस 1100 रुपये निर्धारित किया गया है।
हालांकि ब्रोकरेज संस्था जेएम फाइनेंशियल इस स्टॉक को लेकर दीर्घकाल में आशावादी है लेकिन अल्पकाल में इस स्टॉक पर दबाव बने रहने की आशंका जताई है। दूसरी ओर ब्रोकरेज संस्था मैक्वेरी ने एचडीएफसी बैंक के स्टॉक से ‘बाय’ रेटिंग हटा दी है।
कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही ‘नैतिकता’ का हवाला देते हुए एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन पद से अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दिया। इस घटना को लेकर काफी हलचल मच गई। इसके बाद एचडीएफसी बैंक की ओर से अगले तीन महीनों के लिए चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री के नाम की घोषणा की गई। रिजर्व बैंक ने बताया कि कंपनी के संचालन में कोई गड़बड़ी नहीं है लेकिन इसके बावजूद इस हेवीवेट स्टॉक में गिरावट जारी है।
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