मुस्ताफिज़ुर रहमान थे लेकिन अंत में BCCI के निर्देश पर उन्हें छोड़ने के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स को मजबूर होना पड़ा। उस घटना का असर बहुत दूर तक गया। टी-20 विश्व कप भी बांग्लादेश ने बहिष्कार किया। हालांकि IPL न हो पाने के बावजूद, मुस्ताफिज़ुर और उनके साथी पाकिस्तान सुपर लीग में खेलने की उम्मीद में थे। अब उन्हें बड़ा झटका लगा है। पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देने के बावजूद अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड रुख बदल चुका है। सरकार से स्वीकृति मिलने पर ही बांग्लादेशी क्रिकेटर PSL में खेल पाएंगे।
हाल ही में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हमला किया। 16 मार्च को अफगानिस्तान के समय रात 9 बजे के करीब काबुल के ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर पाकिस्तान ने मिसाइल हमला किया। 2 हजार बिछावन वाली उस रिहैब सेंटर में 400 लोगों की मौत हुई। इसके चलते दोनों देशों में स्थिति तनावपूर्ण है। ऐसे माहौल में क्रिकेटरों को PSL खेलने जाने की अनुमति नहीं दे रही है बांग्लादेश सरकार। इस विषय पर हाल ही में एक साक्षात्कार में BCB के क्रिकेट ऑपरेशन्स के अध्यक्ष नाज़मुल अबेदिन ने खुलकर बात की। मुस्ताफिरजुर रहमान, नाहिद राना, पर्लवीज़ हुसैन ईमन, शरीफुल इस्लाम, तंजिद हसन तामीम और रिशाद हुसैन—इन छह क्रिकेटरों को PSL में टीम मिली है। BCB उन्हें NOC देने के लिए तैयार है, लेकिन सरकार का निर्णय ही अंतिम होगा, यह नाज़मुल ने बताया।
उन्होंने कहा, 'बेशक हम सरकार से अनुमति मांगेंगे। सामान्य परिस्थितियों में कुछ और सोचने की जरूरत नहीं होती। हम खिलाड़ियों से कहते हैं, जाओ, खेलो, लौट आओ। लेकिन अब जब सुरक्षा को लेकर जोखिम है, इसलिए सरकार के साथ चर्चा करके ही निर्णय लेना पड़ेगा। खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजना चाहिए या नहीं, यह सरकार से पूछा गया है। जो निर्णय बताया जाएगा, उसी का पालन करेंगे।'
इसके साथ ही न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI और T20 सीरीज भी है। PSL खेलने के लिए क्रिकेटर तैयारी शिविर में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसलिए समय सीमा बांटकर खिलाड़ियों को NOC बोर्ड ने दिया है। मुस्ताफिज़ुर को भी पहले 26 मार्च से 12 अप्रैल तक NOC दिया गया था और बाद में 24 अप्रैल से 3 मई तक खेलने की अनुमति BCB ने दी।