पश्चिम एशियाई युद्ध के दौर से युद्ध प्रभावित इलाकों से तत्परता के साथ भारतीय नागरिकों को बाहर निकालने का काम किया जा रहा है। इस काम में युद्ध प्रभावित देशों में मौजूद भारतीय दूतावास उन देशों के साथ मिलकर कर रही है।
भारतीय विदेश मंत्रालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 फरवरी को ईरान बनाम इजरायल-अमेरिका का युद्ध शुरू होने के बाद से लेकर अब तक पश्चिमी एशियाई देशों से करीब 2 लाख 44 हजार भारतीयों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है।
इस बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि करीब 700 भारतीयों को ईरान से स्थल मार्ग के जरिए अर्मेनिया और अजरबाइजान पहुंचाया गया है। वहां से वे सभी अपने देश वापस लौट रहे हैं। इसके साथ ही ईरान में तीर्थ पर गए 284 भारतीय भी अर्मेनिया पहुंच गए हैं। दोहा का भारतीय दूतावास कतर एयरवेज के माध्यम से 1,600 से अधिक भारतीय को सुरक्षित वापस ला पाया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पासपोर्ट जारी करने के अलावा भी अन्य सेवाओं के लिए इन इलाकों में दूतावास सप्ताह के सातों दिन खुले रहेंगे।
विदेश मंत्रालय को उम्मीद है कि उड़ान सेवाएं भी जल्द ही शुरू हो जाएंगी। बताया जाता है कि पिछले सोमवार यानी 16 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात से भारत के बीच 65 उड़ानों ने आवाजाही की है। मंगलवार यानी 17 मार्च को यह संख्या बढ़कर 70 पर पहुंच गयी थी। ओमान से भी भारत के विभिन्न इलाकों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।