असम में विधानसभा चुनाव करवाने के लिए पश्चिम बंगाल से भारी संख्या में गाड़ियों की मांग की गयी है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक असम सरकार ने 1500 बसों की मांग की गयी है। इतनी बड़ी संख्या में उत्तर बंगाल परिवहन निगम के पास बसें नहीं होने की वजह से राज्य के अन्य परिवहन निगम से बसों की मांग की गयी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कूचबिहार से लेकर मालदह तक, सभी जिलों से गाड़ियां ली जाएंगी। वहीं दूसरी ओर कूचबिहार जिले में विधानसभा चुनाव के समय असम के कोकराझार और धुबड़ी जिले से करीब 400 गाड़ियां मांगी गयी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच बैठक के बाद आपसी समझौता भी हो चुका है। हालांकि इस लेनदेन की वजह से यात्रियों की परेशानियां बढ़ने की आशंका भी पैदा हो गयी है। असम में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं, जबकि कूचबिहार में 23 अप्रैल को। असम में चुनाव हो जाने के बाद कूचबिहार समेत उत्तर बंगाल के अन्य इलाकों में मतदान कर्मियों को लेकर आने-जाने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं अप्रैल के पहले सप्ताह में असम में चुनाव का संचालन करने के लिए उत्तर बंगाल से गाड़ियों की मांग की गयी है। कूचबिहार जिला प्रशासन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार असम के प्रशासनिक अधिकारी कूचबिहार आकर बैठक करके गए हैं और कूचबिहार के जिला आंचलिक परिवहन विभाग के अधिकारी भी असम के धुबड़ी में जाकर वहां के परिवहन नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की।
गौरतलब है कि कूचबिहार में 9 विधानसभा केंद्र हैं, जहां कुल मिलाकर 2,537 मतदान केंद्र बनाएं जाएंगे। इन सभी मतदान केंद्रों पर मतदानकर्मियों को पहुंचाने और चुनाव के अंत में ईवीएम (EVM) समेत वापस लाने के लिए कुल 1,600 गाड़ियों की जरूरत होगी। इसके साथ ही इन सभी इलाकों में पुलिसकर्मियों को पहुंचाने के लिए भी 1000 से अधिक गाड़ियों की आवश्यकता होगी।
इसके अलावा केंद्रीय बल के जवानों की आवाजाही के लिए गाड़ियों की जरूरत होने वाली है। बताया जाता है कि जितनी गाड़ियों की जरूरत है उसका एक-तिहाई हिस्सा कूचबिहार के पास है। बाकी असम से ली जाएंगी।
इस बारे में जिला आंचलिक परिवहन अधिकारी नवीनचंद्र अधिकारी ने बताया कि असम में जाकर बैठक की गयी है। उनके पास छोटी-बड़ी मिलाकर कुल 400 गाड़ियां मांगी गयी है। उन लोगों ने भी कहा है कि वे भी बड़ी संख्या में गाड़ियां लेंगे।