रमजान का पवित्र महीना बस खत्म होने वाला है और भारत में ईद की तारीख को लेकर चल रहा इंतजार भी खत्म हो गया है। 19 मार्च (गुरुवार) को ईद का चांद भारत में नजर नहीं आया है। इस बात की पुष्टि दिल्ली, लखनऊ और हैदराबाद की प्रमुख हिलाल कमेटियों के साथ-साथ कोलकाता के नाखोदा मस्जिद मर्काजी रुहियत-ए-हिलाल कमेटी ने भी की है।
इस कमेटी की ओर से कन्वेनर नासिर इब्राहिम और दिल्ली के ऐतिहासिक जामा मस्जिद के डिप्टी शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने बताया कि 19 मार्च को कोलकाता समेत भारत के किसी भी शहर में शव्वाल यानी ईद का चांद नजर नहीं आया है। इसलिए भारत में ईद 21 मार्च को मनायी जाएगी। इसलिए आज यानी 20 मार्च (शुक्रवार) को रमजान का आखिरी रोजा होगा।
Mint की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि केरल में ईद का चांद दिखाई दे दिया है, इसलिए केरल में 20 मार्च को ईद मनायी जाने वाली है। साथ ही बताया गया है कि सऊदी अरब और खाड़ी देशों में भी ईद आज (20 मार्च) ही मनायी जाएगी।
बांग्लादेशी मीडिया से मिली जानकारी में बताया गया है कि वहां भी शनिवार को ही ईद मनायी जाएगी। गुरुवार को बांग्लादेश के राष्ट्रीय मस्जिद बायतुल मोकर्रम इस्लामिक फाउंडेशन के कॉन्फ्रेंस रुम में चांद देखने वाली राष्ट्रीय कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक के अंत में बांग्लादेश के धर्ममंत्री काजी शाह मुफज्जल हुसैन ने इस बात की जानकारी दी।
सऊदी अरब और भारत में ईद मनाने में 1 दिन का अंतर
आमतौर पर देखा जाता है कि सऊदी अरब में जिस दिन ईद मनायी जाती है उसके अगले दिन ही भारत में ईद मनती है। इसकी वजह दोनों देशों की भौगोलिक स्थिति है। दरअसल, सऊदी अरब भारत के पश्चिम में मौजूद है। खगोलिय नियमों के मुताबिक चांद पश्चिम में पहले नजर आता है। दोनों देशों के टाइम जोन में भी अंतर होता है।
सऊदी अरब में सूर्यास्त के समय जब चांद निकलता है उस समय तक भारत में देर रात हो चुकी होती है। इसलिए भारत में चांद का नजर आना मुश्किल ही होता है। इसलिए भारत में ईद का चांद सऊदी अरब से अगले दिन ही होता है।