नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुला समर्थन किया है। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग (EC) को अपना “हथियार” बना लिया है और राज्य में चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक ढांचे का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बेईमानी से चुनाव जीतना चाहती है भाजपाः केजरीवाल
केजरीवाल ने लिखा, "बीजेपी ने बेईमानी से चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग को अपना हथियार बना लिया। जो आज पश्चिम बंगाल में हो रहा है, वही 2022 में दिल्ली चुनाव में हुआ था। वोटर लिस्ट से नाम काटे गए, पुलिस प्रशासन ने भाजपा की गुंडागर्दी को समर्थन दिया और पूरा प्रशासन केवल भाजपा की जीत सुनिश्चित करने में लगा। लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गईं। आज ममता दीदी भी लोकतंत्र बचाने के लिए लड़ रही हैं। इस संघर्ष में हम उनके साथ हैं।"
AAP का समर्थन विपक्षी दलों की एकजुटता का संकेत
इससे पहले चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारियों के तबादलों का विरोध करते हुए ममता बनर्जी ने इसे "उच्चतम स्तर का राजनीतिक हस्तक्षेप" और "संविधान पर हमला" बताया। TMC का आरोप है कि इन कदमों के पीछे BJP का दबाव है, जबकि चुनाव आयोग इसे निष्पक्ष चुनाव की तैयारी बता रहा है।
ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर इस पर चिंता जताई और इसे "बंगाल विरोधी" कदम करार दिया। TMC का मानना है कि यह प्रशासनिक अस्थिरता पैदा कर सकता है और चुनाव में विपक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल बना सकता है।
पश्चिम बंगाल में लगभग 2.18 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे और 25 लाख से अधिक चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर रहेंगे। इस बार चुनाव कम चरणों में होने के कारण पूरी प्रक्रिया अधिक केंद्रीकृत और तीव्र होगी।
राजनीतिक माहौल और लोकतंत्र की चुनौती
पश्चिम बंगाल का चुनाव केवल पार्टी जीत या हार तक सीमित नहीं है। यह लोकतंत्र, प्रशासनिक निष्पक्षता और संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप के सवाल पर भी केंद्रित है। TMC और विपक्षी दल चुनाव आयोग पर BJP के पक्ष में काम करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि BJP इसे निष्पक्ष चुनाव की तैयारी बता रही है।
केजरीवाल का समर्थन यह दर्शाता है कि विपक्षी दल राजनीतिक और नैतिक दोनों स्तर पर ममता बनर्जी के साथ हैं। यह चुनाव मतदाताओं के लिए लोकतंत्र की रक्षा और प्रशासनिक निष्पक्षता का भी मापदंड बन जाएगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 राजनीतिक मुकाबले से कहीं अधिक, लोकतंत्र और संस्थाओं की निष्पक्षता की लड़ाई बनता जा रहा है। केजरीवाल का बयान TMC के लिए नैतिक और रणनीतिक समर्थन है, जबकि चुनाव आयोग के बड़े पैमाने पर तबादले और BJP के आरोप-पत्र राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकते हैं। मतदाताओं के लिए यह चुनाव सरकारी तंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का अवसर भी होगा।