🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

अयोध्या में राष्ट्रपति मुर्मू ने की श्रीराम यंत्र की स्थापना, बोलीं—'यह जीवन का गौरवपूर्ण क्षण'

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या में श्रीराम यंत्र की स्थापना कर राम मंदिर को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बताया।

By प्रियंका कानू

Mar 19, 2026 18:29 IST

अयोध्या: द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचीं, जहां उन्होंने श्रीराम मंदिर में पूजा-अर्चना की और दूसरे तल पर स्थित राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। यह उनके जीवन का एक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।

राष्ट्रपति ने मंदिर निर्माण से जुड़े शिल्पियों और कर्मयोगियों को सम्मानित किया और उपस्थित रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन करना एक समान है। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तिथियों को भारत के इतिहास और संस्कृति की स्वर्णिम तिथियां बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की पवित्र भूमि का स्पर्श करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। प्रभु श्रीराम की यह जन्मभूमि स्वयं उनके अनुसार स्वर्ग से भी श्रेष्ठ है। राष्ट्रपति ने देश के पुनर्जागरण की बात करते हुए कहा कि भारत आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे ‘घट-घट व्यापी राम’ के भाव के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ें और रामराज्य के आदर्शों पर चलते हुए एक नैतिक और समावेशी राष्ट्र का निर्माण करें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से भारत वर्ष 2047 तक या उससे पहले ही अपने बड़े लक्ष्यों को हासिल कर लेगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने सभी देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और कहा कि अयोध्या आना उनके जीवन को कृतार्थ करने वाला क्षण है। उन्होंने यह भी कहा कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज दुनिया जहां संघर्षों से जूझ रही है, वहीं अयोध्या में श्रीराम यंत्र की स्थापना जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं, जो रामराज्य की अनुभूति कराते हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आज युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ रहा है। वहीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अयोध्या को वैश्विक चेतना का केंद्र बताते हुए कहा कि यह क्षण करोड़ों रामभक्तों के त्याग और संघर्ष का परिणाम है। कार्यक्रम में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आनंदीबेन पटेल ने कहा कि श्रीराम यंत्र की स्थापना के साथ ही 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मंदिर निर्माण पूर्णता की ओर पहुंच गया है।

Articles you may like: