🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

जुबीन गर्ग केस में सुनवाई के लिए गौहाटी हाई कोर्ट ने बनाई विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत

हिमंत सरमा का बड़ा ऐलान, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी दिन-प्रतिदिन सुनवाई

By डॉ. अभिज्ञात

Mar 19, 2026 18:21 IST

गुवाहाटी: असम में चर्चित जुबीन गर्ग मौत मामले की सुनवाई को तेज करने के लिए गौहाटी हाई कोर्ट ने एक विशेष फास्ट-ट्रैक सत्र अदालत के गठन का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब इस केस की सुनवाई रोजाना आधार पर की जाएगी।


जिला जज शर्मिला भुइयां करेंगी अदालत की अगुवाई

इस विशेष अदालत की जिम्मेदारी बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां को सौंपी गई है। यह कदम गायक की मौत के करीब छह महीने बाद उठाया गया है। जब तक नई अदालत पूरी तरह काम शुरू नहीं करती, तब तक मौजूदा अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत इस मामले की रोजाना सुनवाई जारी रखेगी।


मुख्यमंत्री ने बताया न्याय की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री सरमा ने इस फैसले को न्याय प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया। उन्होंने कहा कि इससे मामले की सुनवाई में तेजी आएगी और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत होगी। साथ ही उन्होंने गौहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रति आभार भी व्यक्त किया।


मामले की जांच और अभियुक्तों की स्थिति

जुबीन गर्ग की मौत पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैराकी के दौरान हुई थी, जहां वे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। इस मामले की जांच असम पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने की और स्थानीय अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।


हत्या और अन्य धाराओं में कई अभियुक्त नामजद

मामले में कार्यक्रम आयोजक श्यामकानु महंत, प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा और बैंड से जुड़े दो सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी तथा अमृत प्रभा महंत पर हत्या के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, गायक के रिश्तेदार और निलंबित पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज है। इसके अलावा, दो अन्य पुलिस कर्मियों नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य पर आपराधिक साजिश और भरोसे के उल्लंघन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं और वे फिलहाल जेल में हैं।


सरकार ने पहले ही तेज सुनवाई की मांग की थी

राज्य सरकार ने पिछले महीने ही इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का अनुरोध किया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। साथ ही इस केस के लिए पांच सदस्यीय विशेष लोक अभियोजकों की टीम भी पहले से नियुक्त की जा चुकी है।


सिंगापुर में अलग से जांच, हादसे की आशंका

इस घटना की जांच सिंगापुर में भी की गई। वहां की एक अदालत ने हाल ही में यह माना कि मामले में किसी साजिश के संकेत नहीं मिले और यह एक दुर्घटना हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, गायक नशे की हालत में थे और लाइफ जैकेट लेने से मना करने के बाद समुद्र में डूब गए थे।

Articles you may like: