पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का सबसे चर्चित केंद्र भवानीपुर है। यहां तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी खुद चुनाव के मैदान में खड़ी हैं। इस वजह से देशभर की निगाहें इस विधानसभा केंद्र पर ही टिकी हुई है। उनके सामने भाजपा ने विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को उतारा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भवानीपुर केंद्र को लेकर तृणमूल कांग्रेस अपने रणनीति बनाने में जुट चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार (19 मार्च) को तृणमूल नेता सुब्रत बख्शी के ऑफिस में इस केंद्र की रणनीति का निर्धारण करने के लिए एक बैठक बुलायी गयी।
TV9 की मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इस बैठक में भवानीपुर विधानसभा केंद्र के सभी पार्षद भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य भवानीपुर केंद्र की चुनावी रणनीतियों का निर्धारण था। दावा किया जाता है कि जिस समय बैठक चल रही है, ठीक उसी समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद वहां कॉल किया। उन्होंने चुनाव से संबंधित सारी तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
क्या बनायी गयी है रणनीति?
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तृणमूल कांग्रेस ने 'डोर टू डोर' प्रचार की रणनीति अपनाने का फैसला लिया है। दावा किया जा रहा है कि पार्टी की ओर से हिदायत दी गयी है कि अगर किसी घर पर 10 बार प्रचार के लिए जाना पड़े तो भी जाना होगा। पार्टी के कार्यकर्ताओं को बार-बार चेतावनी दी गयी है कि वो किसी भी प्रकार के उकसावे में न आए। बताया जाता है कि इलाके में चुनाव प्रचार के लिए पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी खुद चुनावी मैदान में उतरेंगी और वह सभा को संबोधित व रैली निकालेंगी।
भवानीपुर में तृणमूल का नारा...
भवानीपुर विधानसभा केंद्र में तृणमूल कांग्रेस का नारा है, 'उन्नयन घरे-घरे, घरेर मेये भवानीपुरे' (विकास घर-घर में, घर की बेटी भवानीपुर में)। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि भवानीपुर केंद्र के सभी वार्डों को दो हिस्सों में बांटा गया है, जिनमें से कुछ की जिम्मेदारी सुब्रत बख्शी और कुछ की जिम्मेदारी फिरहाद हकीम को सौंपी गयी है।
इलाके के बहुमंजिला इमारतों पर अधिक जोर देने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक और कार्यकर्ताओं को लेकर व्हाट्स ऐप पर ग्रुप बनाने की हिदायत भी दी गयी है।