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ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र, क्या कहा? नाम नहीं इस बार पद से किया संबोधित!

चुनाव आयोग ने शालीनता और सांविधानिक शिष्टाचार की सारी सीमाएं तोड़ दी है - ममता बनर्जी

By Moumita Bhattacharya

Mar 19, 2026 21:18 IST

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक बार फिर से पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने चुनाव आयोग के कार्यों की तीव्र निंदा की है। इस बात की जानकारी ममता बनर्जी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट कर दी है। गौरतलब है कि इस बार पत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके नाम से नहीं बल्कि पद से संबोधित किया है।

इससे पहले भी कई बार SIR की प्रक्रिया के दौरान ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा था। हाल ही में जब प्रशासनिक अधिकारियों का चुनाव आयोग ने तबादला किया था उस समय भी इसकी तीव्र आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने चुनाव आयुक्त तको पत्र लिखा था। अब उन्होंने चुनाव आयोग की कार्य पद्धति पर सवाल उठाते हुए पत्र लिखा है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में क्या लिखा है?

चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्य पद्धति से मैं अचंभित हूं। चुनाव आयोग ने शालीनता और सांविधानिक शिष्टाचार की सारी सीमाएं तोड़ दी है। चुनाव आयोग के कार्यों की वजह से ही मैं सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए मजबूर हुई थी।

इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर से SIR की प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग के पास वास्तविकता के बोध का अभाव है। मैंने बार-बार चुनाव आयोग का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। जनता के हितों की रक्षा के लिए ही सुप्रीम कोर्ट जाने को बाध्य हुई थी। अदालत में कुछ आदेश दिए हैं, जिनका अभी पालन होना बाकी है।

ममता बनर्जी ने एक बार फिर से आरोप लगाते हुए कहा कि SIR की प्रक्रिया चल रही है लेकिन मतदाता सूची को जारी करने में देरी की जा रही है। आवेदन के लिए आम जनता के पास बहुत कम समय रह जा रहा है। मुख्यमंत्री का आरोप है कि राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श किए बिना ही डीईओ का तबादला किया गया है।

इससे पहले चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद ही मुख्य सचिव, गृह सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को बदला गया। सिर्फ राज्य प्रशासन ही नहीं बल्कि कई जिलों, पुलिस सुपर और कमिश्नरों को भी बदला गया है। ममता बनर्जी का दावा है कि इन बदलावों की वजह से कामकाज में काफी समस्याएं हो रही है।

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के फैसलों को 'एकतरफा', 'जल्दबाजी' में लिया गया फैसला और 'क्षमता का दुरुपयोग' करार दिया है। उनका आरोप है कि राज्य में प्रशासनिक अस्थिरता लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने गणतांत्रिक परिहास करार दिया है। चुनाव के समय निर्वाचित सरकार को कमजोर करने की साजिश करार देते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से इस प्रकार के कार्यों से दूर रहने का अनुरोध किया है।

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