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उत्तर कोरिया में हुए चुनाव में किम जोंग उन के खिलाफ हुई वोटिंग, क्या सत्ता में लौटेगा तानाशाह?

क्या आप जानते हैं कि इस चुनाव में कुछ वोट उत्तर कोरिया के इस तानाशाह के खिलाफ भी पड़े हैं! किसने की किम जोंग के खिलाफ वोटिंग?

By Moumita Bhattacharya

Mar 19, 2026 23:20 IST

उत्तर कोरिया और किम जोंग उन - दोनों ही एक दूसरे के पूरक माने जाते हैं। लेकिन इस साल 15 मार्च को उत्तर कोरिया में चुनाव हुआ और चुनाव में कुछ हैरान करने वाली घटनाएं भी घटी। चुनाव में उम्मीद मुताबिक किम जोंग उन के नेतृत्व वाली वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया और उसके सहयोगी समूहों ने सभी सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस चुनाव में कुछ वोट उत्तर कोरिया के इस तानाशाह के खिलाफ भी पड़े हैं!

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार किम जोंग उन को 99.93 प्रतिशत वोट मिले हैं जिसका मतलब है कि देश की कुल आबादी का करीब 0.7 प्रतिशत वोट किम जोंग उन के खिलाफ दिए गए हैं। किसने की किम जोंग के खिलाफ वोटिंग?

किम जोंग उन के देश, उत्तर कोरिया, में न तो कोई विपक्षी पार्टी है और न ही कोई निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़े होने की हिम्मत करता है। ऐसे में किम जोंग उन के खिलाफ 0.7 प्रतिशत वोट किसने दी? उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया 'कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी' (KCNA) के रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि किम जोंग उन के खिलाफ पड़े 0.7 प्रतिशत वह वोट हैं, जो उनकी पार्टी के एक उम्मीदवार के खिलाफ 'नहीं' में पड़े हैं। उत्तर कोरिया में होने वाले चुनाव में वैलेट पेपर पर सरकार द्वारा अनुमोदित उम्मीदवार का नाम होता है। वोटर उसे स्वीकार कर सकते हैं अथवा अस्वीकार भी कर सकते हैं।

उत्तर कोरिया के 0.7 प्रतिशत मतदाताओं ने अत्यंत साहस का परिचय देते हुए पार्टी के उक्त उम्मीदवार को 'अस्वीकार' किया है। इसे एक प्रकार से किम जोंग उन के खिलाफ विद्रोह की घोषणा मानी जाती है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर कोरिया के इतिहास में यह घटना विरल ही मानी जा रही है।

वर्ष 1957 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब देश की सरकारी मीडिया कंपनी ने सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार कर लिया है कि चुनाव में सरकारी उम्मीदवार के खिलाफ 'नहीं' में भी वोटिंग हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया में तानाशाह की छवि से अलग गणतांत्रिक छवि बनाने के लिए किम प्रशासन ने इतने कम संख्या में विरोधी वोटर की संख्या के बारे में सार्वजनिक तौर पर जानकारी साझा की है।

बता दें, उत्तर कोरिया में 15 मार्च को सुप्रीम पीपल्स असेंबली के सदस्यों का चुनाव हुआ था। इसमें किम समर्थित 687 प्रतिनिधि सभी सीटों पर चुने गए हैं। चयनित प्रतिनिधियों में सेना के जवान, किसान, अधिकारी आदि शामिल बताए जाते हैं।

उत्तर कोरिया के चुनाव से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां :-

* 17 साल अथवा उससे अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को वोट देना अनिवार्य है। अगर वोट नहीं दिया तो देशद्रोही घोषित किया जाएगा।

* दुनिया के दूसरे देशों की तरह गोपनीय तरीके से वोटिंग नहीं होती है। अधिकारियों के सामने खुले बॉक्स में वोट दिया जाता है। इसलिए 'नहीं' में वोटिंग बेहद खतरनाक है।

* बीमार अथवा देश के बाहर मौजूद नागरिकों को छोड़कर किम जोंग उन के देश में वोटर की उपस्थिति का प्रतिशत हमेशा 99 से 100 प्रतिशत तक होता है।

* इस बार के चुनाव में उत्तर कोरिया के पंजीकृत मतदाताओं में सिर्फ 0.0037 प्रतिशत लोगों ने ही अपना वोट नहीं दिया। इनमें से ज्यादातर लोग विदेश में या समुद्र पर काम कर रहे थे।

* इस बार के चुनाव में 0.00003 प्रतिशत लोग वृद्ध अथवा बीमार होने की वजह से मतदान में हिस्सा नहीं ले पाए।

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