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NIA के जाल में 'बिग फिश', 'क्रिश्चियन राज्य' बनाने के लिए कोलकाता में अमेरिकी भाड़े के सैनिक ? शेख हसीना को आशंका...

सफेद चमड़ी को लेकर शेख हसीना ने जो चिंता व्यक्त की थी, वही सही साबित हुई ?

दो साल पहले, बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक भयानक अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र का दावा किया था। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश और म्यांमार से कुछ हिस्से काटकर एक स्वतंत्र 'क्रिश्चियन राज्य' बनाने की साजिश रच रहे हैं कुछ 'सफेद चमड़ी वाले लोग'। उस समय इस विषय पर ज्यादा हलचल नहीं हुई। सभी ने सोचा कि चुनाव से पहले लोगों को झूठा डर दिखाकर अपने पक्ष में करना चाह रही हैं हसीना। लेकिन क्या उस दिन वास्तव में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने मनगढ़ंत बातें कही थीं ?

पिछले शुक्रवार को कोलकाता हवाई अड्डे से कुख्यात अमेरिकी 'भाड़े का सैनिक' मैथ्यू वेंडाइक को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी या NIA ने गिरफ्तार किया। इसके साथ ही दिल्ली और लखनऊ से 6 यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। उन पर उत्तर-पूर्व भारत में अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इसके बाद ही हसीना के दो साल पुराने उस दावे पर नई चर्चा शुरू हुई।

NIA के झाले में 'बिग फिश'

NIA सूत्रों के अनुसार, इन 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने के लिए अत्यंत गुप्त अभियान चलाया गया। ये लोग टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आए और अवैध रूप से मिज़ोरम में प्रवेश किया। मिज़ोरम में प्रवेश के लिए विदेशियों के पास 'प्रोटेक्टेड एरिया परमिट' (PAP) होना अनिवार्य है। इनके पास यह नहीं था। उसके बाद वहाँ से अवैध तरीके से अशांत म्यांमार में नियमित यात्रा जारी रखी जा रही थी। NIA का और दावा है कि गिरफ्तार लोगों ने यूरोप से भारी मात्रा में ड्रोन लाकर मिज़ोरम और म्यांमार के विभिन्न विद्रोही समूहों या 'एथनिक आर्म्ड ग्रुप' (EAG) के हाथों में सौंप दिए। वर्तमान में गिरफ्तार लोगों को 11 दिन के लिए NIA की हिरासत में भेजा गया है। पूछताछ में उनके उद्देश्य के बारे में और भी कई जानकारी मिलने की उम्मीद है।

शेख हसीना की चेतावनी क्या थी ?

2024 में सत्ता से हटाए जाने से ठीक पहले एक जनसभा में शेख हसीना ने एक विस्फोटक दावा किया था। उन्होंने दावा किया कि, बांग्लादेश के चुनाव से पहले एक 'सफेद रंग के व्यक्ति' उनके पास आया और प्रस्ताव दिया कि अगर बांग्लादेश के भूभाग में किसी विदेशी राज्य को हवाई अड्डा बनाने की अनुमति दी जाएगी तो उन्हें सत्ता में बनाए रखा जाएगा।

हसीना ने और कहा, 'वे चट्टगांव और म्यांमार के कुछ हिस्सों को लेकर बंगाल की खाड़ी में ठिकाना बनाकर पूर्वी तिमोर की तरह एक ईसाई देश बनाने की योजना बना रहे हैं।'

मिज़ोरम रूट और भू-राजनीतिक ढांचा

इसके बाद 2025 के मार्च महीने में मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने खुफिया जानकारी के आधार पर मिज़ोरम विधानसभा में बताया था, 'यूक्रेन युद्ध में लड़ने वाले सैनिक' मिज़ोरम होकर म्यांमार जा रहे हैं। वहां वे विद्रोहियों को हथियार प्रशिक्षण दे रहे हैं। भू-राजनीतिक विश्लेषक डॉ. ब्रह्म चेलानी ने कहा, 'अमेरिका का छाया युद्ध पहले ही भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में पहुँच चुका है।' उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस क्षेत्र की स्थिरता को नुकसान पहुंचाना चाहता है।

उस समय मिज़ोरम के मुख्यमंत्री द्वारा की गई दावा, NIA के हाथों वैनडाइक जैसे कुख्यात मार्सेनरी की गिरफ्तारी में सच साबित हुई है, ऐसा खुफिया विशेषज्ञ मान रहे हैं।

क्या अमेरिका की 'डीप स्टेट' पर्दे के पीछे है ?

वानडाइक की गिरफ्तारी के बाद रूसी समाचार माध्यम 'स्पुतनिक इंडिया' को रक्षा विशेषज्ञ और वायुसेना के सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन उत्तम देवनाथ ने बताया कि अमेरिका लंबे समय से उत्तर-पूर्व भारत में एक 'ईसाई राज्य' स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। ताकि वहां से चीन पर निगरानी और घुसपैठ आसानी से की जा सके। उनके अनुसार, 'एनआईए के हाथों पकड़े गए यूक्रेनी और अमेरिकी उसी चक्र का हिस्सा होने की प्रबल संभावना रखते हैं।'

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