नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने आयकर नियम 2026 को अधिसूचित कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन नए नियमों के साथ देश के टैक्स सिस्टम में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं जिनका उद्देश्य प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है।
नए नियमों के तहत कंपनियों के लिए डिविडेंड वितरण के नियम सख्त किए गए हैं। अब कंपनियों को पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और डिविडेंड का भुगतान भारत में ही करना होगा। इससे निगरानी और नियंत्रण मजबूत होगा।
स्टॉक एक्सचेंज के लिए भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें अब 7 साल तक लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा और हर महीने रिपोर्ट जमा करनी होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
कैपिटल गेन को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं जिससे टैक्स की गणना आसान होगी। इसके अलावा जीरो कूपन बॉन्ड के लिए नया ढांचा लागू किया गया है जिसमें पहले से मंजूरी और रेटिंग जरूरी होगी।
क्रॉस-बॉर्डर आय पर भी अब टैक्स विभाग की पकड़ मजबूत होगी। डिजिटल कारोबार के लिए 2 करोड़ रुपये के लेन-देन या 3 लाख यूजर्स की सीमा तय की गई है।
शेयर और विदेशी संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए भी नया फॉर्मूला लागू किया गया है। वहीं, खर्च पर मिलने वाली छूट को सीमित किया गया है और कंपनी द्वारा दिए गए आवास पर भी नए नियम लागू होंगे।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों से टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी, विवाद कम होंगे और अनुपालन बेहतर होगा।