नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग और जुआ प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को 300 नई वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक कर दिया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 8,400 प्लेटफॉर्म्स अवैध पाए जाने पर बंद किए जा चुके हैं।
इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग साइट्स, कैसीनो ऐप्स (जैसे स्लॉट्स, रूलेट, लाइव डीलर गेम्स), पियर-टू-पियर बेटिंग एक्सचेंज, सट्टा-मटका नेटवर्क और रियल-मनी कार्ड गेम्स शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से करीब 4,900 प्लेटफॉर्म्स ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद ही ब्लॉक किए गए हैं।
जनवरी 2026 में 242 और वेबसाइट्स पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिससे कुल संख्या 7,800 से बढ़कर अब 8,400 हो गई। यह लगातार बढ़ती सख्ती सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है।
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025:
प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025 को अगस्त 2025 में संसद से मंजूरी मिली और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे अनुमोदित किया। कानून अक्टूबर 2025 से लागू है।
इस एक्ट के तहत:
सभी रियल-मनी गेम्स और पैसों वाली बेटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध।
फैंटसी स्पोर्ट्स, पोकर, रमी और अन्य गेम्स पर रोक।
ई-स्पोर्ट्स, एजुकेशनल और सोशल गेम्स को बढ़ावा।
बैंक और फाइनेंशियल संस्थानों को अवैध प्लेटफॉर्म्स में पेमेंट प्रोसेस करने से रोक।
प्रमोशन और ऑपरेशन पर सख्त पाबंदी, उल्लंघन पर 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
यह कानून आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत वेबसाइट्स को ब्लॉक करने की शक्ति भी देता है।
केंद्र सरकार का मकसद
केंद्र सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई युवाओं और परिवारों की सुरक्षा के लिए है। अवैध ऑनलाइन बेटिंग से कई लोग आर्थिक नुकसान का सामना करते हैं, मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है और पारिवारिक-सामाजिक समस्याएं बढ़ती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता दी है, जिसमें व्यक्ति रोजमर्रा के कामों को छोड़ देता है और नुकसान के बावजूद खेलना जारी रखता है। इस कानून का लक्ष्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षित बनाना और ई-स्पोर्ट्स जैसे सकारात्मक गेमिंग क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सामान्य खिलाड़ियों के खिलाफ नहीं है, बल्कि अवैध ऑपरेटर्स, प्रमोटर्स और विज्ञापन देने वालों के लिए है। लोग सुरक्षित ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स खेल सकते हैं। कुछ ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स अभी भी एक्सेस किए जा सकते हैं, लेकिन ब्लॉकिंग और नियमों को और कड़ा किया जा रहा है। यह कदम युवा पीढ़ी को सुरक्षित डिजिटल मनोरंजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।